एनसीएलटी ने दिवाला कार्यवाही शुरू करने को लेकर गो फर्स्ट की याचिका को किया स्वीकार

राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) ने बुधवार को लोन रिकवरी कार्यवाही शुरू करने को लेकर स्वेच्छा से दायर गो फर्स्ट की याचिका स्वीकार कर ली.

Updated: May 10, 2023, 2:41 PM IST

राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) ने बुधवार को लोन रिकवरी कार्यवाही शुरू करने को लेकर स्वेच्छा से दायर गो फर्स्ट की याचिका स्वीकार कर ली.

इसके साथ ही अध्यक्ष न्यायमूर्ति रामलिंग सुधाकर तथा एल एन गुप्ता की पीठ ने कर्ज में फंसी कंपनी को चलाने के लिये अभिलाष लाल को अंतरिम पेशेवर नियुक्त किया.

पीठ ने कंपनी को किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से संरक्षण भी दिया और लोन रिकवरी कार्यवाही के दौरान उसे चलाने के लिये निलंबित निदेशक मंडल से समाधान पेशेवर की मदद करने को कहा.

इसके अलावा, एनसीएलटी (NCLT) ने कंपनी को ऑपरेशन में बनाये रखने और वित्तीय बाध्यताओं को पूरा करने के साथ किसी भी कर्मचारी की छंटनी नहीं करने को कहा है.

न्यायाधिकरण ने वाडिया समूह (Wadia Group) की एयरलाइन कंपनी तथा विमान पट्टे पर देने वाली इकाइयों की दलीलों को सुनने के बाद चार मई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. विमान पट्टे (Lease) पर देने वाली कंपनियों ने याचिका का विरोध करते हुए अंतरिम सरंक्षण देने का आग्रह किया था.

गो फर्स्ट ने 17 साल से अधिक समय पहले उड़ान भरना शुरू किया था. एयरलाइन ने वित्तीय संकट के बीच तीन मई से उड़ानों का ऑपरेशन रोक दिया. प्रैट एंड व्हिटनी से इंजन आपूर्ति नहीं होने के कारण कंपनी के बेड़े में शामिल आधे से अधिक विमान उड़ान नहीं भर पा रहे थे.

एयरलाइन पर कुल देनदारी 11,463 करोड़ रुपये है. उसने स्वैच्छिक रूप से दिवाला कार्यवाही के लिये आवेदन दिया. साथ ही वित्तीय बाध्यताओं पर अंतरिम रोक का आग्रह किया.

गो फर्स्ट पहले ही 15 मई तक टिकट की बिक्री निलंबित कर चुकी है.

गो फर्स्ट, जो लगभग दो दशकों से उड़ान भर रहा है, उसने पिछले सप्ताह दिवालियापन संरक्षण के लिए याचिका दायर की. इसके 54 एयरबस A320neos के लगभग आधे ग्राउंडिंग के लिए “दोषपूर्ण” प्रैट एंड व्हिटनी इंजन को दोषी ठहराया.

बता दें, 2019 में जेट एयरवेज द्वारा दिवालियापन के लिए दायर किए जाने के बाद गो फर्स्ट का पतन भारत में पहली बड़ी एयरलाइन का पतन है. 28 अप्रैल तक वित्तीय लेनदारों के लिए गो फर्स्ट का कुल कर्ज 6521 करोड़ रुपये था, इसने पहले ट्रिब्यूनल के साथ दिवालियापन फाइलिंग में कहा था.

(With agency inputs)

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