New Car Insurance: अब नई कार खरीदने पर पेमेंट का तरीका बदल सकता है. वाहन बीमा प्रदाता (Motor Insurance Service Provider) से संबंधित समिति ने सुझाव दिए हैं. अगर इन सुझावों का माना जाए तो कार खरीदने के बाद उसका पेमेंट चेक से करना होगा और कार के इंश्योरेंस के प्रीमियम के लिए दूसरा चेक देना पड़ेगा.Also Read - बीमा नियामक का ऐलान, COVID-19 को कवर करने वाली हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसीज में कवर होगा ओमिक्रॉन

साल 2017 में वाहन बीमा प्रदाता (Motor Insurance Service Provider) की गाइडलाइन को लागू किया गया था. गाइडलाइन को लागू करने के पीछे यह मकसद था कि कारों की इंश्योरेंस बिक्री को सरल बनाया जाए और उन्हें एक सिस्टम में लाया जाए. Also Read - Covid Cashless Insurance: IRDAI बीमाकर्ताओं को दिया आदेश, कहा- 1 घंटे में करें दावों का निपटान

वाहन बीमा प्रदाता कंपनी या बीमा मध्यस्थ द्वारा नियुक्त वाहन डीलर होता है. यह अपने माध्यम से बेचे जाने वाले मोटर वाहन के मोटर बीमा पॉलिसियों की सेवा भी ग्राहकों को उपलब्ध करवाता है. Also Read - COVID-19: IRDAI ने कहा, कैश और कैशलेस बीमा योजनाओं में कोई भेदभाव न करें अस्पताल

साल 2017 में आई वाहन बीमा प्रदाता (Motor Insurance Service Provider) की सिफारिशों को लेकर बीमा प्राधिकरण और विकास प्राधिकरण (Insurance Regulatory and Development Authority) ने एक समिति का गठन किया था. अब समिति ने Insurance Regulatory and Development Authority को अपनी रिपोर्ट दे दी है, जिसमें कई प्रस्ताव हैं.

समिति का मानना है कि कार के इंश्योरेंस का पेमेंट करते समय पारदर्शिता की कमी है. समिति का मानना है कि जब ऑटोमोटिव डीलर से कार खरीदी जाती है तो कार का पूरा पेमेंट एक चेक से ही किया जाता है. इस वजह से इंश्योरेंस प्रीमियम की कीमत साफ-साफ नहीं दिखती और पारदर्शिता में भी कमी आती है.

इस वजह से ग्राहक को पता नहीं चलता कि कार की कीमत क्या है और उसने कितना इंश्योरेंस प्रीमियम दिया है. समिति का मानना है कि यह पॉलिसीधारक के लिए सही नहीं है. ग्राहक को इंश्योरेंस की असली कीमत पता ही नहीं चल पाती है. इस वजह से ग्राहक को डिस्काउंट के बारे में भी सही-सही जानकारी नहीं मिल पाती है.

समिति ने सुझाव दिया है कि ग्राहक को बीमा कंपनी को सीधा पेमेंट करना चाहिए. Motor Insurance Service Provider को रुपये अपने खाते में नहीं डालने चाहिए. समिति ने अपनी रिपोर्ट में एक मजबूत नियम की जरूरत बताई है. समिति का मानना है कि मोटर इंश्योरेंस को देखते हुए एक ताकतवर रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की जरूरत है.

Motor Insurance Service Provider को इसी के साथ ग्राहकों को इंश्योरेंस प्रतिनिधियों से मिलने वाले गिफ्ट के बारे में भी ग्राहक को बताना चाहिए.