नई दिल्ली: पासपोर्ट के नियम में बदलाव किए गए हैं. 1 जून से पासपोर्ट में कुछ चीजें बदली गई हैं. सबसे बड़ा बदलाव पासपोर्ट के पते के तौर पर इस्तेमाल को लेकर किया गया है. अब पासपोर्ट के आखिरी पन्ने पर आपके घर का पता नहीं लिखा होगा. बल्कि इसके स्थान पर बारकोड होगा. जिसको स्कैन कर अधिकारी जानकारी जुटा सकेंगे. हालांकि यह डिटेल्स पासपोर्ट बुकलेट की नई सीरिज पर होगी. जब तक रीजनल पासपोर्ट ऑफिस के पास पुरानी बुकलेट का स्टॉक मौजूद रहेगा, तब तक आखिरी पन्ने पर पता लिखा जाएगा. लेकिन यह अब पते के प्रूफ के तौर पर इसका प्रयोग नहीं किया जा सकेगा. Also Read - Aadhaar PVC Card Update: क्या है 'पीवीसी आधार कार्ड', पुराने आधार कार्ड को लेकर UIDAI कही ये बात, PVC कार्ड की होगी इतनी फीस

नए रंग का पासपोर्ट
विदेश मंत्रालय जल्द ही नए रंग का पासपोर्ट जारी करेगा.नया पासपोर्ट नई कैटेगिरी का होगा.अब तक सिर्फ तीन रंग के ही पासपोर्ट चलन में है, जिसमें सफेद, लाल और नीला पासपोर्ट होता है.सफेद पासपोर्ट सरकारी अधिकारियों के लिए, लाल रंग वाला डिप्लोमेट्स के लिए और नीले रंग का पोसपोर्ट आम लोगों के लिए होता है.अब नए रंग का पासपोर्ट जारी किया जाएगा, जिसका रंग ऑरेंज होगा. ये पासपोर्ट ईसीआर कैटेगिरी वालों के लिए होगा.इस पासपोर्ट की छपाई नासिक प्रेस में शुरू हो चुकी है. Also Read - Visa Free Destination For Indians: घूमने के हैं शौकीन तो बिना वीजा झंझट के करें इन देशों की यात्रा, जानें कौन से हैं वो खूबसूरत देश

हिंदी में भी बनेंगे पासपोर्ट
जल्द ही पासपोर्ट हिंदी में भी बनने लगेंगे. पासपोर्ट हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में होंगे. इसका सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होगा, जो अंग्रेजी नहीं जानते हैं. इसके अलावा बच्चों और 60 साल से अधिक के वरिष्ठ नागरिकों को पासपोर्ट फीस में 10 फीसदी की छूट दी जाएगी. Also Read - पति के पासपोर्ट पर बॉयफ्रेंड को ऑस्ट्रेलिया घुमाने ले गई महिला, घर लौटे पति को नहीं मिली, फिर...

आधार नंबर देने की जरूरत नहीं
1 जून से आपको अपने 12 अंकों का आधार नंबर किसी को देने की जरूरत नहीं है. इसकी बजाय एक वर्चुअल नंबर जनरेट कर सकेंगे, जिससे आप किसी भी तरह का सरकारी वैरीफिकेशन करा सकेंगे. आधार नंंबर देने से निजी जानकारी उजागर होने का खतरा रहता था.

आधार नंबर जारी करने वाली संस्था भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने वर्चुअल आईडी (वीआईडी) बनाने के लिए बीटा संस्करण लांच कर दिया है. 1 जून, 2018 से किसी भी तरह की सेवा प्रदाता संस्थाएं आधार नंबर के स्थान पर इस वीआईडी को स्वीकार करने लगेंगी.