New Wage Code: वित्त वर्ष 2022-23 से बदल जाएगी सैलरी स्लिप, जानें- क्या होगा सैलरी का स्ट्रक्चर?

New Wage Code: ऐसी संभावना जताई जा रही है कि वित्त वर्ष 2022-23 से नया वेज कोड लागू किया जा सकता है. नया वेज कोड लागू हो जाने पर सैलरी स्लिप में बदलाव देखने को मिलेगा. जिसमें बेसिक सैलरी कुल वेतन की आधी हो जाएगी और पीएफ खाते में अंशदान बढ़ जाएगा. इससे टेक-होम सैलरी घट जाएगी.

Published: January 7, 2022 2:50 PM IST

By India.com Hindi News Desk | Edited by Manoj Yadav

New Wage Code: वित्त वर्ष 2022-23 से बदल जाएगी सैलरी स्लिप, जानें- क्या होगा सैलरी का स्ट्रक्चर?
(Symbolic Image)

New Wage Code: वित्तीय वर्ष 2022-23 में नया वेज कोड (New Wage Code) लागू किया जा सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो नया वेज कोड (New Wage Code) अप्रैल 2022 के बाद कभी भी लागू किया जा सकता है. नए नियमों के मुताबिक बेसिक सैलरी कंपनी को नेट कॉस्ट (CTC) का कम से कम 50 फीसदी होगी. इससे निजी क्षेत्र को कर्मचारियों के सैलरी स्ट्रक्चर में काफी बदलाव होने की उम्मीद जताई जा रही है.

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वेज कोड बिल, 2019 में ‘वेतन’ का अर्थ बदल दिया गया है. अब, मूल वेतन प्रतिशत में परिवर्तन के कारण, भविष्य निधि योगदान, ग्रेच्युटी और अन्य घटकों में परिवर्तन अपरिहार्य हो गया है. सबसे अधिक प्रभाव टेक-होम या इन-हैंड वेतन में देखा जाएगा, जिसमें कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है. लेकिन, भविष्य निधि में नियोक्ताओं का योगदान बढ़ना भी तय माना जा रहा है.

भत्तों में आएगी कमी

नए नियमों के मुताबिक मूल वेतन सीटीसी के 50 फीसदी से कम नहीं हो सकता. वर्तमान में, यह ग्रास सैलरी के 30 से 40 प्रतिशत के बीच कहीं भी है. बाकी एचआरए, टेलीफोन शुल्क, समाचार पत्र आदि जैसे भत्तों द्वारा कवर किया जाता है. अब, चूंकि मूल वेतन बढ़ रहा है, तो जाहिर है कि भत्ते कम हो जाएंगे.

उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति का वेतन 1 लाख रुपये प्रति माह है, तो पहले मूल वेतन 30,000-40,000 रुपये था और बाकी भत्ते थे. अब मूल वेतन कम से कम 50,000 रुपये होगा और 50 प्रतिशत की सीमा से अधिक नहीं होने के लिए भत्तों में कमी करनी होगी.

बढ़ेगा पीएफ में अंशदान और घटेगी टेक होम सैलरी

पीएफ की गणना मूल वेतन के प्रतिशत के रूप में की जाती है. अब बेसिक सैलरी बढ़ने से पीएफ भी बढ़ेगा. इससे कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित होगा लेकिन कुल में से अधिक पीएफ काटा जाएगा. यह टेक-होम वेतन को नकारात्मक तरीके से प्रभावित कर सकता है.

सैलरी स्लिप स्ट्रक्चर में बदलाव से टीडीएस कैलकुलेशन भी प्रभावित होगा.

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Published Date: January 7, 2022 2:50 PM IST