मुंबई: आगामी आम बजट से पहले घरेलू शेयर बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ है. प्रमुख संवेदी सूचकांक शुक्रवार को 12,300 के मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़ फिर नई उंचाई पर पहुंच गया, जबकि सेंसेक्स 41,700 के ऊपर चढ़कर रिकॉर्ड ऐतिहासिक स्तर के करीब कारोबार कर हरा था. खाड़ी क्षेत्र में फौजी तनाव कम होने से मिले सकरात्मक संकेतों से घरेलू शेयर बाजार में तेजी के रुझानों के बीच सेंसेक्स 41,775 के उपर तक उछला, वहीं, निफ्टी 12,311.20 के रिकॉर्ड ऊंचाई पर चला गया. Also Read - गुजरात: वित्त मंत्री ने 2.27 लाख करोड़ रुपये का वार्षिक बजट पेश किया, शिक्षा के लिए नई योजनाएं होंगी शुरू

दोपहर 12.23 बजे सेंसेक्स पिछले सत्र से 268 अंकों यानी 0.65 फीसदी की बढ़त के साथ 41,721.02 पर कारोबार कर रहा था. वहीं, निफ्टी 78.80 अंकों यानी 0.65 फीसदी की तेजी के साथ 12,294.70 पर बना हुआ था. इससे पहले बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों पर आधारित प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह नौ बजे पिछले के मुकाबले 115.85 अंकों की बढ़त के साथ 41,568.20 पर खुला और 41,775.11 तक उछला. सेंसेक्स 20 दिसंबर, 2019 को 41,809.96 तक उछला था, जोकि अब तक का रिकॉर्ड स्तर है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों पर आधारित प्रमुख संवेदी सूचकांक निफ्टी पिछले सत्र के मुकाबले 55.10 अंकों की तेजी के साथ 12,271 पर खुला और कारोबार के दौरान 12,311.20 तक उछला, जोकि निफ्टी का अब तक का सबसे ऊचा स्तर है. Also Read - HDFC Bank Share Price: एचडीएफसी के शेयरों ने लगाई रिकॉर्ड छलांग, मार्केट कैप 5 लाख करोड़

सोने-चांदी के भाव में एक दिन में आई बड़ी गिरावट, ये रहे आज के भाव Also Read - Ujjwala Yojana Gas Connections: उज्जवला योजना के तहत कनेक्शन लेने पर सरकार देती है 1,600 रुपए, जानिए- किस तरह से उठाएं इसका फायदा

ईरान और अमेरिका के बीच पिछले दिनों पैदा हुए युद्ध जैसे हालात के टलने के बाद बाजार में तेजी
बाजार के जानकार बताते हैं कि ईरान और अमेरिका के बीच पिछले दिनों पैदा हुए युद्ध जैसे हालात के टलने के बाद बाजार में तेजी आई है. साथ ही, अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक मसलों को लेकर होने वाले करार से भी निवेशकों का मनोबतल ऊचा हुआ है. इसके अलावा, केंद्र सरकार के हालिया फैसलों समेत अन्य घरेलू कारकों से भी बाजार में तेजी का रुझान बना हुआ है. खाड़ी क्षेत्र में फौजी तनाव कम होने से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में गिरावट आई है और डॉलर के मुकाबले रुपये में भी मजबूती देखी जा रही है.