नई दिल्लीः घोटाले में फंसे पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के जानबूझकर कर्ज नहीं लौटाने वाले बड़े कर्जदारों की राशि में बढ़ोतरी हुई है. बैंक के 25 लाख रुपये और उससे ऊपर के जानबूझकर कर्ज नहीं लौटाने वालों की राशि में जनवरी को समाप्त केवल आठ महीने में करीब 23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. Also Read - कांग्रेस एक रिटायर्ड के जज के जरिए भगोड़े नीरव मोदी को बचाने की कोशिश कर रही है: केंद्रीय मंत्री प्रसाद

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पीएनबी के आंकड़े के अनुसार बैंक से 25 लाख रुपये से अधिक का कर्ज ले चुके कर्जदारों पर 31 जनवरी 2018 तक कुल 14,593.16 करोड़ रुपये बकाया था. बैंक ने इस प्रकार का आंकड़ा जून 2017 से देना शुरू किया. उस समय उसका सकल कर्ज बकाया 11,879.74 करोड़ रुपये था. इन आठ महीनों में राशि में 22.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई. Also Read - 11 मई तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया भगोड़ा नीरव मोदी, 14 हजार करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का है मामला

बैंक ने 11,400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा किया है. इसमें कथित रूप से जौहरी नीरव मोदी और एसोसिएट कंपनियां शामिल हैं. धोखाधड़ी नीरव मोदी से संबद्ध कंपनियों को फर्जी गारंटी पत्र (लेटर आफ अंडरटेकिंग) जारी करने से जुड़़ा है ताकि वे भारतीय बैंक की अंतरराष्ट्रीय शाखाओं से कर्ज ले सके. यह काम बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर किया गया.

बैंक के अनुसार 31 मार्च 2018 तक कुल 25 लाख रुपये और उससे अधिक के कर्ज जानबूझकर नहीं लौटाने वालों की सूची में फोरएवर प्रीसियस जूलर एंड डायमंड ( 747.97 करोड़ रुपये), किंगफिशर एयरलाइंस ( 597.44 करोड़ रुपये), जूम डेवलपर्य ( 410.18 करोड़ रुपये) तथा एमबीएस जूलरी प्राइवेट लि. (266.17 करोड़ रुपये ) शामिल हैं.

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पीएनबी जून 2013 से जानबूझकर कर्ज नहीं लौटानों वालों की सूची जारी कर रहा है और यह प्रक्रिया 31 मई 2017 तक जारी रही. उसके बाद बैंक ने जून 2017 से केवल उन लोगों और कंपनियों के नाम जारी करने शुरू किये जिनपर 25 लाख रुपये या उससे अधिक कर्ज है और उन्होंने जानबूझकर ऋण नहीं लौटाया.

क्रिसिल ने पीएनबी की रेटिंग को निगरानी में रखा

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने घोटाले में फंसे पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की रेटिंग को निगरानी में रखा है. बैंक के 11,400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के खुलासे के बाद क्रिसिल ने यह कदम उठाया है. रेटिंग एजेंसी ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक को उसके विभिन्न ऋण जुटाने के साधनों को एएए और एए रेटिंग दे रखी है. क्रिसिल ने कहा कि धोखाधड़ी के खुलासे के बाद हमने पीएनबी के ऋण जुटाने के माध्यमों (बांड) को दी गई रेटिंग को निगरानी में रखा है. एजेंसी ने कहा कि हमने इस बारे में पीएनबी प्रबंधन से चीजों को स्पष्ट करने की मांग की है जिसमें वसूली की संभावना, अनुमानित प्रावधान, पूंजीकरण अनुपात पर संभावित प्रभाव तथा अतिरिक्त पूंजी समर्थन की उम्मीद शामिल है.