कोरोना महामारी से बुरी तरह प्रभावित हुई अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकने के लिए केंद्र सरकार ने एक राहत के तौर पर इस पैकेज का ऐलान किया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज आर्थिक सुधार को लेकर कई बड़े ऐलान किए हैं. वित्त मंत्री ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा है कि सरकार ने कुछ और राहत देने का फैसला किया है.  सरकार ने 1.1 लाख करोड़ की लोन गारंटीड स्कीम की घोषणा की है. इसमें हेल्थ केयर सेक्टर के लिए 50 हजार करोड़ रुपए की घोषणा की गई है. बाकी के 60 हजार करोड़ अन्य सेक्टर्स के लिए देने का फैसला किया गया है.Also Read - डिब्बा बंद दही-पनीर पर अब लगेगा GST, क्षतिपूर्ति व्यवस्था आगे भी जारी रखने की मांग

हेल्थ केयर सेक्टर के लिए गारंटीड स्कीम के तहत 7.95 फीसदी की दर से लोन बांटे जाएंगे. किसी एक एंटिटी को मैक्सिमम 100 करोड़ रुपये का लोन दिया जाएगा. गारंटीड ड्यूरेशन 3 सालों का होगा. अन्य सेक्टर्स को 8.25 फीसदी की दर से लोन मिलेगा. Also Read - कई अलग-अलग सेवाओं पर मिल रही कर छूट को वापस लेने पर विचार करेगी जीएसटी परिषद

वित्त मंत्री ने कहा कि आज आर्थिक सुधार के लिए आठ उपायों की घोषणा की जाएगी, जिसमें चार बिल्कुल नये हैं. इसके अलावा 1.5 लाख करोड़ के एडिशनल इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटीड स्कीम की घोषणा की गई है. Also Read - जीएसटी परिषद की बैठक शुरू, राज्यों को क्षतिपूर्ति और कर दरों में बदलाव पर होगी चर्चा

मई 2020 में इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटीड स्कीम की घोषणा की गई थी. इसके लिए प्रावधान 3 लाख करोड़ रुपए का था. अब इस स्कीम में 1.5 लाख करोड़ रुपए और डाले जाएंगे. ECLGS- 1,2, 3 के तहत अब तक 2.69 करोड़ रुपए बांटे जा चुके हैं. यह लोन 1.1 करोड़ यूनिट को बांटा गया है. यह काम 12 सरकारी बैंकों, 25 प्राइवेट सेक्टर बैंक और 31 NBFC की मदद से किया गया है.

माइक्रो फाइनेंस इंस्टिट्यूशन्स (Micro Finance Institutions) की मदद से 25 लाख छोटे इंडिविजुअल बॉरोअर्स (Small Individual Borrowers) के लिए क्रेडिट गारंटीड स्कीम की घोषणा की गई है. यह लोन MCLR+2 फीसदी की दर पर मिलेगा. लोन की अवधि 3 सालों की होगी और मैक्सिमम लोन 1.25 लाख रुपए होगा. इसके तहत 7500 करोड़ का प्रावधान होगा. इसका फायदा 31 मार्च 2022 तक उठाया जा सकता है.

कोरोना के कारण टूरिज्म सेक्टर पर बहुत खराब असर पड़ा है. इसको बूस्ट देने के लिए 11 हजार रजिस्टर्ड टूरिस्ट गाइड के लिए एक नई स्कीम की घोषणा की गई है. इस स्कीम के तहत रजिस्टर्ड एजेंसी को 10 लाख तक का गारंटीड लोन मिलेगा. रजिस्टर्ड गाइड को 100 फीसदी तक गारंटीड 1 लाख तक का लोन मिल सकता है. इसके लिए किसी कोलैट्रल की जरूरत नहीं होगी.

टूरिज्म को मदद के लिए एक और घोषणा की गई है. पहले 5 लाख विदेशी पर्यटकों को फ्री टूरिस्ट वीजा का लाभ मिलेगा. 2019 में भारत में कुल 10.93 मिलियन विदेशी पर्यटक आए थे. इन लोगों ने मिलकर 30 बिलियन डॉलर खर्च किया. उनका औसत भारत में स्टे 21 दिनों का होता है. एक टूरिस्ट को फ्री वीजा का लाभ केवल एकबार ही मिलेगा. यह स्कीम 31 मार्च 2022 तक रहेगी. इससे सरकारी खजाने पर 100 करोड़ का बोझ बढ़ेगा.

सरकार ने आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना को बढ़ाने का फैसला किया है. इस स्कीम को 1 अक्टूबर 2020 को लॉन्च किया गया था. इस स्कीम को अब 31 मार्च 2022 तक बढ़ा दिया गया है. पहले इसकी डेडलाइन 30 जून 2021 तक थी. इस स्कीम के लिए सरकार का बजट 22810 करोड़ रुपए था.

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के तहत जिन लोगों की सैलरी 15 हजार से कम है उनके लिए दो सालों तक प्रोविडेंट फंड का एंप्लॉयी और एंप्लॉयर हिस्सा सरकार जमा करेगी. सरकार को उम्मीद थी कि इसका फायदा 58.50 लाख एंप्लॉयी को मिलेगा. इस स्कीम के तहत अगर किसी संस्थान में 1000 से ज्यादा लोग काम करते हैं तो सरकार केवल एंप्लॉयी का 12 फीसदी हिस्सा ही पीएफ फंड में जमा करेगी. इस स्कीम के तहत अब तक 21.42 लाख एंप्लॉयी को 902 करोड़ रुपए का लाभ दिया जा चुका है.