
Crypto कोई करेंसी नहीं, इस पर टैक्स क्यों लगाया, हम ये बताने को तैयार: निर्मला सीतारमण
निर्मला सीतारमण ने Zee News को दिए इंटरव्यू में कहा कि क्रिप्टोकरेंसी में पैसे के लेन-देन को नजरअंदाज नहीं कर सकते.

Nirmala Sitharaman Interview: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने 1 फरवरी को साल 2022-23 का वार्षिक बजट पेश किया. इस बजट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से लेकर सत्ता पक्ष के तमाम नेताओं ने वित्त मंत्री और उनके बजट (Budget 2022) की जमकर तारीफ की. हालांकि, विपक्ष को बजट बिल्कुल पसंद नहीं आया. बजट से जुड़े तमाम प्रश्नों पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण Zee News के प्रश्नों का उत्तर दिया. निर्मला सीतारमण ने कहा कि घर बैठे-बैठे कोई भी कुछ जारी कर दे, उसे करेंसी थोड़े ही कहते हैं. क्रिप्टो कोई करेंसी नहीं है, वह असेट है; इसलिए इस पर टैक्स लगाया गया है. क्रिप्टो से अगर आप कमा रहे हैं, इसलिए इस पर 30 फीसद टैक्स लगाया गया है. क्रिप्टो पर लगाए गए टैक्स को लेकर किसी भी तरह के प्रश्न का जवाब देने को तैयार हूं. हमने बजट बनाने के दौरान सबका ध्यान रखा. बजट से अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.
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क्रिप्टोकरेंसी में पैसे के लेन-देन को नजरअंदाज नहीं कर सकते. जो ईमानदारी से टैक्स भरते हैं, मैं उनका सम्मान करती हूं, लेकिन देश का जो विकास हो रहा है, उसे दरकिनार नहीं कर सकते. गरीबों के लिए घर, शौचालय, पानी आदि सब-कुछ होना जरूरी है. बिजली 24×7 मिलती है, इससे उद्योग चलते हैं, क्या ये हम अमीरों के लिए कर रहे हैं, इससे देश का विकास हो रहा है, रोजगार मिल रहा है. कुछ साल पहले देश में बिजली की कटौती होती थी, उससे निकलकर आज हम बिजली सरप्लस के करीब पहुंच गए हैं, हमें ये सब करना है या नहीं, ये भी हमें सोचना है.
निर्मला सीतारमण ने कहा कि आज का टैक्स रेट की आप 1980 के दौर से तुलना करें तो पाएंगे कि हम आज कम टैक्स दे रहे हैं. जीएसटी काउंसिल की टीम फ्रॉड को रोक रही है. पिछले साल भी बजट से पहले अनुमान लगाया जा रहा था कि कोविड टैक्स लगाया जाएगा. चुनावी बजट के सवाल पर निर्मला सीतारमण ने कहा कि आपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समझा नहीं है. उन्होंने पिछले साल भी कहा था कि आम लोगों पर अधिक टैक्स नहीं लगाया जाना चाहिए. यूपीए के समय पर पढ़ा कुछ जाता था, उसके नीचे कुछ और ही बजट होता था, लेकिन हमारा बजट एक ही होता है. जो हम बढ़ते हैं वही लिखा भी होता है. कोरोना काल में डिजिटल बजट जरूरी था. GST में फ्रॉड रुकने से कलेक्शन बढ़ा है.
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