नई दिल्ली। भारतीय सरकार का थिंक टैंक नीति आयोग और एबीबी इंडिया ने मेक इन इंडिया के तहत रोबोटिक और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के क्षेत्र में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. नीति आयोग एबीबी के साथ मिलकर इकोनॉमी के मुख्य सेक्टर जैसे बिजली और पानी का सेक्टर, इंडस्ट्रीज जैसे फूड, हैवी इंडस्ट्रीज सेक्टर और रेल मेट्रो सेक्टर के डिजिटलाइजेशन और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर काम करेंगी. Also Read - कोरोना से जंग में ये हैं PM मोदी के विशेष योद्धा, मिनटों में PMO पहुंचती है हर एक जानकारी

इस समझौते के तहत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर भी काम होगा. नीति आयोग और एबीबी सरकार के मंत्रियों के साथ मिलकर काम करेंगे, फीडबैक, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन और डिजिटलाइजेशन टेक्नोलॉजी पर मंथन करेंगे. नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि हम आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और इंटरनेट ऑफ टेक्नोलॉजी जैसी भविष्य की तकनीकों के बारे में सीख रहे हैं. इस समझौते के तहत एबीबी का विश्वस्तरीय सेंटर भी डिजिटलाइजेशन की समझ में मददगार साबित होगा. और यही भारत के मुख्य सेक्टरों के विकास की कुंजी साबित होगा. Also Read - Covid-19 Fight: कोरोना से लड़ने के लिए केंद्र सरकार का एक और बड़ा कदम, गठित हुईं 11 टीमें

इसके जरिए नीति आयोग पॉलिसीमेकर्स और सरकारी संस्थाओं को वर्कशॉप और ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल करेगा जो एबीबी की ओर से आयोजित किया जाएगा. ऐसे कार्यक्रमों में एक्सपर्ट शामिल होंगे जो आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की क्षमताओं पर बात करेंगे और बताएंगे कि किस तरह इससे मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्टिविटी में क्रांति लाई जा सकती है. Also Read - पहले कहा- 'कश्मीर के लोग ऑनलाइन 'गंदी फिल्में' देखने के अलावा कुछ नहीं करते थे', अब मांगी माफी