नई दिल्ली: बैंकों की एटीएम निकासी और चेकबुक जैसी ग्राहकों के लिए नि:शुल्क सेवाओं को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे से बाहर रखा गया है. हालांकि क्रेडिट कार्ड बिल के बकाया भुगतान पर लगा विलंब शुल्क और अनिवासी भारतीयों द्वारा बीमा की खरीद पर जीएसटी लगेगा. राजस्व विभाग ने बैंकिंग, बीमा और शेयर ब्रोकर सेवाओं पर जीएसटी लागू होने के संबंध में ‘ बार-बार उठने वाले प्रश्नों का निवारण (एफएक्यू)’ जारी कर इस संबंध में स्पष्टीकरण दिया है. विभाग ने कहा कि प्रतिभूतिकरण, डेरिवेटिव्स और वायदा सौदों से जुड़े लेन-देन को भी जीएसटी दायरे से बाहर रखा गया है. वित्तीय सेवा विभाग ने पिछले महीने इस संबंध में राजस्व विभाग से संपर्क किया था. पीडब्ल्यूसी में पार्टनर एवं लीडर (अप्रत्यक्ष कर) प्रतीक जैन ने कहा कि एफएक्यू काफी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि जीएसटी के दृष्टिकोण से वित्तीय सेवाओं को सबसे जटिल माना जाता है. Also Read - दशहरे में मोदी सरकार से लेकर, बिहार चुनाव और कंगना रनौत पर जमकर बरसे उद्वठ ठाकरे, कही ये बड़ी बातें

यहां भी नहीं देनी होगी जीएसटी
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के यात्रियों को देश के हवाईअड्डों की ‘ शुल्क मुक्त ’ दुकानों से सामान खरीदारने पर माल एवं सेवाकर (जीएसटी) नहीं देना होगा और राजस्व विभाग जल्दी ही इस छूट के बारे में स्पष्टीकरण जारी करेगा. एक अधिकारी ने यह बात कही. इससे पहले अग्रिम निर्णय प्राधिकरण (एएआर) की नई दिल्ली पीठ ने मार्च में दी गयी एक व्यवस्था में कहा था हवाईअड्डों पर ‘ शुल्क मुक्त ’ दुकानों से वस्तुओं की बिक्री पर जीएसटी लगेगा. Also Read - बड़ी राहत, जीएसटी का वार्षिक रिटर्न भरने की समय सीमा 31 दिसंबर तक बढ़ायी गई

लेनी होगी पासपोर्ट की प्रति
एएआर के निर्णय के बाद राजस्व विभाग को कई पक्षों की तरफ से पत्र मिले जिसमें स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया गया था. अधिकारी ने कहा कि राजस्व विभाग का रुख हमेशा साफ रहा है कि हम अपने करों का निर्यात नहीं कर सकते. हम स्पष्टीकरण जारी करेंगे जिसमें साफ होगा कि शुल्क मुक्त दुकानें जीएसटी नहीं लगाएंगी. राजस्व विभाग स्पष्ट करेगा कि शुल्क मुक्त दुकानों को उन यात्रियों से केवल पासपोर्ट की प्रति लेनी होगी जिन्हें वे सामान बेचती हैं और बाद में ये दुकाने अपने माल की खरीद पर चुकाए गए जीएसटी के रिफंड का दावा सरकार से कर सकेंगी. Also Read - दिल्ली सरकार के कर्मचारियों के लिए त्योहारी तोहफा, मिलेगा 36 और 20 हजार का LTC

इसे ही माना जाएगा सबूत
पासपोर्ट की प्रति को वस्तुओं की बिक्री का सबूत माना जाएगा. विशेषज्ञों के अनुसार एडवांस रूलिंग प्राधिकरण (एएआर) के आदेश से भ्रम की स्थिति पैदा हुई है. उन्हें जीएसटी व्यवस्था लागू होने से पहले केंद्रीय बिक्री कर और मूल्य वर्द्धित कर (वैट) से छूट प्राप्त थी. पूर्व अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में इन दुकानों से उत्पादों की बिक्री को निर्यात माना जाता था.