Railway: उत्तर रेलवे (Northern Railway) अब संसद की कैंटीन (Parliament canteen) नहीं चलाएगा, क्योंकि अब 15 नवंबर को संसद परिसर की कैंटीन की जिम्मेदारी आईटीडीसी (ITDC)के हवाले कर दी जाएगी. इसी के साथ संसद सदस्यों और देश के इस सर्वोच्च प्रतिष्ठान के प्रांगण में आने वालों को भोजन परोसने की उसकी 52 साल पुरानी विरासत का भी अंत हो जाएगा. बता दें कि उत्तर रेलवे साल 1968 से संसद की कैंटीन में खाना परोस रहा था. Also Read - पंजाब में ट्रेनों को रोकना किसान हितों के खिलाफ, यूनियन का फैसला ठीक नहीं: सीएम अमरिंदर सिंह

लोकसभा सचिवालय ने लिखा था पत्र Also Read - India Railway Chhath Puja Special Trains: छठ पर जाना चाहते हैं बिहार, झारखंड तो देखें ये लिस्ट, रेलवे ने चलाई स्पेशल ट्रेन

इस बाबत उत्तर रेलवे को लोकसभा सचिवालय की तरफ से एक पत्र लिखा गया है और इस पत्र में उत्तर रेलवे को 15 नवंबर तक अपना सामान समेटकर कैंटीन की जिम्मेदारी भारतीय पर्यटन विकास निगम (ITDC) के हवाले कर देने का आदेश दिया गया है. Also Read - रेलवे का पंजाब में ट्रेन सेवा शुरू करने से इन्कार, कहा- स्टेशनों के आसपास जमा हैं आंदोलनकारी

बता दें कि आईटीडीसी केंद्र सरकार का ही पर्यटन विंग है, जो लग्जरी फाइव स्टार अशोका होटल समूह का संचालन करता है. लोकसभा सचिवालय के पत्र में उत्तर रेलवे को पार्लियामेंट हाउस एस्टेट से हटने के साथ ही लोकसभा सचिवालय की तरफ से दिए गए कंप्यूटर, प्रिंटर आदि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और सीपीडब्ल्यूडी की तरफ से दिए गए फर्नीचर व अन्य उपकरण भी आईटीडीसी के हवाले करने के लिए कहा गया है.

आईटीडीसी के अधिकारियों का कहना है कि स्पीकर ने विशेष तौर पर ऐसे खाने पर ध्यान देने का निर्देश दिया है, जो आम आदमी और विशिष्ट जनों में भेदभाव न करे.

लोकसभा स्पीकर का है ये निर्णय
संसद कैंटीन के लिए नया वेंडर तलाशने की प्रक्रिया इसी साल जुलाई में शुरू की गई थी.उस समय लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने इस मुद्दे पर पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल और आईटीडीसी के अधिकारियों के साथ मुलाकात की थी.

अमूमन संसदीय परिसर में केटरिंग पर निर्णय भोजन प्रबंधन पर गठित संयुक्त समिति करती है, लेकिन 17वीं लोकसभा में अभी तक भोजन समिति गठित नहीं की जा सकी है. ऐसे में स्पीकर ने स्वविवेक से कैंटीन में बेहतरीन गुणवत्ता का खाना परोसे जाने और उस पर मिलने वाली सब्सिडी को खत्म करने के बारे में निर्णय लिया है.