कोविड -19 महामारी में अनाथ हुई लड़की को LIC का 29 लाख रुपये कर्ज चुकाने का नोटिस, वित्त मंत्री ने किया हस्तक्षेप

कोविड -19 महामारी में अनाथ हुई 17 वर्षीय लड़की को LIC का 29 लाख रुपये कर्ज चुकाने के लिए बार-बार नोटिस भेजा जा रहा था, जिससे वह हैरान हो गई. जिसके बारे में मीडिया के जरिए जानकारी होने पर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने हस्तक्षेप किया.

Updated: June 6, 2022, 2:53 PM IST

कोविड -19 महामारी ने कई बच्चों को अनाथ कर दिया. कइयों ने तो अपने माता-पिता और परिवार को खो दिया, जिससे उनकी जिंदगी संघर्षपूर्ण हो गई. कुछ इसी तरह की कहानी भोपाल की एक 17 वर्षीय लड़की की है, जिसका नाम वनिशा पाठक है. वनिशा ने कोरोनावायरस महामारी के दौरान अपने माता-पिता दोनों को खो दिया.

वनिशा पाठक, जो भोपाल में कक्षा 10 की बोर्ड टॉपर थीं. कोरोना महामारी में उसके माता-पिता दोनों को साया उसके ऊपर से उठ गया. लेकिन, अब उसके घर पर कानूनी नोटिस आ रही है. जिसमें यह कहा जा रहा है कि वह अपने पिता द्वारा लिए गए एलआईसी होम लोन को वापस करे.

वनिशा के पिता जितेंद्र पाठक, जो एलआईसी एजेंट थे, उन्होंने अपने कार्यस्थल से कर्ज लिया था. जब से वह गुजरे हैं, तभी से 17 वर्षीय लड़की को लोन नहीं चुकाने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी देने वाले पत्र मिल रहे हैं.

वनिशा पाठक और उसका भाई दोनों नाबालिग हैं, इसलिए कंपनी ने कथित तौर पर एलआईसी एजेंट को मासिक आधार पर मिलने वाली सभी बचत और कमीशन पर रोक लगा दी है. वनिशा ने भी कंपनी को पत्र लिखकर उनसे कर्ज चुकाने के लिए समय देने का आग्रह किया है.

टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए, असहाय वनिशा ने कहा कि उसके पिता की सारी संपत्ति और कमीशन रुक जाने के कारण, उसके पास आय का कोई स्रोत नहीं है और लोन चुकाने का कोई साधन नहीं है. दोनों बच्चों की देखभाल कर रहे उसके चाचा ने भी कहा कि उसके पास 29 लाख रुपये का कर्ज चुकाने के लिए इतनी मोटी रकम नहीं है.

TOI ने आगे LIC कार्यालय से संपर्क किया, जिन्होंने कहा कि वनिशा द्वारा किए गए अनुरोधों को केंद्रीय कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया है, लेकिन 17 वर्षीय लड़की को कथित तौर पर इस बारे में कोई जानकारी नहीं है.

17 वर्षीय लड़की की परेशानी को देखते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उसके बचाव के लिए कदम उठाया. वनिशा पाठक और होम लोन के साथ उसकी लड़ाई के बारे में एक समाचार लेख को ट्वीट करते हुए, सीतारमण ने अधिकारियों से इस मामले को “देखने” का आग्रह किया.

इसके अलावा, निर्मला सीतारमण ने अपने ट्वीट में वित्तीय सेवा विभाग और एलआईसी इंडिया को टैग किया, और उन्हें “मौजूदा स्थिति की संक्षिप्त जानकारी” प्रदान करने के लिए कहा. केंद्रीय मंत्री के शामिल होने से संभावना है कि वनिशा की राह थोड़ा आसान हो जाएगी.

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