प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में देश में बैटरी स्टोरेज निर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए 18,100 करोड़ का प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव(पीएलआई) देने का निर्णय हुआ है. सरकार के इस फैसले से बैटरी उपकरणों का आयात घटेगा और देश में निर्माण शुरू होगा. इस फैसले से देश में भारी इलेक्ट्रिक वाहनों से लेकर स्कूटी तक की बैटरी बनने में आसानी होगी. Also Read - प्रधानमंत्री को तीन बार पत्र लिखकर धनखड़ को राज्य से वापस बुलाने को कहा है: ममता बनर्जी

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कैबिनेट में लिए निर्णय के बारे में प्रेस कांफ्रेंस कर जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मेक इन इंडिया के सपने को साकार करने के लिए आज केंद्रीय कैबिनेट ने बड़ा निर्णय लिया है. बैटरी स्टोरेज का महत्व कितना है, यह सब जानते हैं. आज बैटरी स्टोरेज के अभाव में बहुत चीजें अटकीं हैं. Also Read - VivaTech Summit में बोले प्रधानमंत्री मोदी- महामारी से हुए नुकसान के बाद अब अर्थव्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरत

प्रकाश जावडेकर ने बताया कि भारत 20 हजार करोड़ का बैटरी उपकरण बाहर से आयात करता है. ऐसे में अब सरकार ने आज प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेटिव(पीएलआई) घोषित किया है, उसके कारण इंपोर्ट कम होगा. भारत में एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल(एसीसी) बैटरी स्टोरेज का निर्माण होगा. इससे देश में इलेक्ट्रिकल वेहिकल्स, इलेक्ट्रिकल मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा. प्रकाश जावडेकर ने कहा कि लंबे समय चलने वाली बैटरी और जल्दी चाजिर्ंग वाली बैटरी की आज सबको जरूरत है.