नई दिल्ली: माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने सबसे ऊंचे 28 प्रतिशत के कर स्लैब में उत्पादों की सूची को घटाकर 35 कर दिया है. अब इस सूची में एसी, डिजिटल कैमरा, वीडियो रिकॉर्डर , डिशवॉशिंग मशीन और वाहन जैसे 35 उत्पाद रह गए हैं. पिछले एक साल के दौरान जीएसटी परिषद ने सबसे ऊंचे कर स्लैब वाले 191 उत्पादों पर कर घटाया है. जीएसटी को पिछले साल एक जुलाई , 2017 को लागू किया गया था. उस समय 28 प्रतिशत कर स्लैब में 226 उत्पाद या वस्तुएं थीं. वित्त मंत्री की अगुवाई वाली जीएसटी परिषद ने एक साल में 191 वस्तुओं से कर घटाया है. Also Read - Bharat Bandh: देश में 8 करोड़ व्यापारियों का भारत बंद, जानें क्या खुलेगा और किसपर पडे़गा असर

विशेषज्ञों का कहना है कि आगे चलकर राजस्व स्थिर होने के बाद परिषद 28 प्रतिशत कर स्लैब को और तर्कसंगत बना सकती है और सबसे ऊंचे कर स्लैब को सिर्फ सुपर लग्जरी और अहितकर उत्पादों तक सीमित कर सकती है. Also Read - Bharat Bandh Today News Updates: किसान यूनियनों, Traders का GST, Fuel Price Hike, E-Way Bill के विरोध में आज बंद

– अब नई जीएसटी दरें 27 जुलाई को लागू होंगी
– 35 उत्पाद सबसे ऊंचे कर स्लैब में बचेंगे उनमें सीमेंट , वाहन कलपुर्जे , टायर , वाहन उपकरण , मोटर वाहन , याट , विमान , एरेटेड ड्रिंक और अहितकर उत्पाद तंबाकू , सिगरेट और पान मसाला शामिल हैं। Also Read - 26 February 2021 Bharat Bandh: कल है व्यापारियों का भारत बंद, लेकिन ये सेवाएं नहीं होंगी प्रभावित

डेलॉयट इंडिया के भागीदार एमएस मणि ने कहा कि यह उम्मीद की जा सकती है कि राजस्व संग्रह स्थिर होने के बाद सभी आकार के टीवी, डिशवॉशर, डिजिटल कैमरा, एसी पर 18 प्रतिशत की जीएसटी दर लागू हो सकती है. मणि ने कहा कि अच्छी स्थिति यह होगी कि सिर्फ अहितकर वस्तुओं को भी 28 प्रतिशत के स्लैब में रखा जाए, जिससे बाद में कम जीएसटी स्लैब की ओर बढ़ा जा सके.
खास बातें
– श्रेणियां घटने से उभोक्ताओं एवं कारोबारियों दोनों को सहूलियत होगी
– इसमें थोड़ा समय लगेगा क्योंकि यह विषय राज्यों के राजस्व से जुड़ा है
– अभी जीएसटी से राजस्व औसतन 95 हजार करोड़ रूपये के आसपास है
– ऐसे में दरों में कटौती की जा रही है, जिससे कई उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में कमी आ रही है
– वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स घटने से मध्यम वर्ग को लाभ होगा

जीएसटी दरों की 5 श्रेणियों को घटाकर 3 की जा सकती है
बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं जीएसटी पर उच्च स्तरीय मंत्री समूह के संयोजक सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि आने वाले समय में वस्तु एवं सेवा कर दरों की वर्तमान पांच श्रेणियों को घटाकर तीन श्रेणियों में किया जा सकता है. उनसे पूछा गया कि जीएसटी परिषद की बैठक में कल 88 वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी घटाये जाने पर पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि यह 2017 में ही क्यों नहीं किया गया। इस पर मोदी ने कहा, यह कोई ऐसा निर्णय नहीं है जिसमें सिर्फ भाजपा सरकार शामिल है. यह निर्णय जीएसटी परिषद ने लिया है, जिसमें कांग्रेस की सरकारें भी शामिल हैं.” उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद प्रारंभ में यह देखा गया कि राजस्व का नुकसान नहीं हो और जैसे जैसे राजस्व में स्थिरता आई है, वैसे वैसे अनेक वस्तुओं पर दरें कम की गई हैं.

जीएसटी पर उच्च स्तरीय मंत्री समूह के संयोजक मोदी ने कहा कि जीएसटी लागू होने से केंद्रीय बिक्री कर यानी सीएसटी चरणबद्ध तरीके से तीन साल में खत्म किया जाना था. तत्कालीन यूपीए सरकार ने आश्वासन दिया था कि इसके चलते राज्यों को राजस्व हानि होगी उसकी भरपाई केंद्र सरकार करेगी. सीएसटी की दर एक अप्रैल 2007 को 4 प्रतिशत से घटाकर 3 प्रतिशत और 2008 में 3 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दी गई शुरुआती वर्षो में राज्यों को क्षतिपूर्ति की कुछ राशि भी दी गई, लेकिन 2011-12 में क्षतिपूर्ति का भुगतान रोक दिया गया. राज्यों को क्षतिपूर्ति की राशि का पूरा भुगतान नहीं किया गया. (इनपुट- एजेंसी)