2024 में शीर्ष 8 शहरों में ऑफिस स्पेस की मांग में 19% की बढ़ोतरी: रिपोर्ट

2024 में भारत के शीर्ष आठ शहरों में ऑफिस स्पेस की मांग 19% बढ़कर 885.2 लाख वर्ग फुट हुई. बेंगलुरु में सबसे अधिक उछाल आया, जबकि दिल्ली-एनसीआर और पुणे में गिरावट दर्ज की गई.

Published date india.com Updated: January 3, 2025 2:03 PM IST
2024 में शीर्ष 8 शहरों में ऑफिस स्पेस की मांग में 19% की बढ़ोतरी: रिपोर्ट

भारत का ऑफिस बाजार 2024 में ऐतिहासिक रूप से सक्रिय रहा. आठ प्रमुख शहरों में कार्यालय स्थल की मांग में 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जिससे यह 885.2 लाख वर्ग फुट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई. यह जानकारी रियल एस्टेट परामर्शदाता कुशमैन एंड वेकफील्ड (सीएंडडब्ल्यू) की रिपोर्ट में दी गई है.

2023 से 2024 तक का सफर

2023 में सकल पट्टा मांग 745.6 लाख वर्ग फुट थी. 2024 में इसमें उल्लेखनीय वृद्धि हुई, और यह 885.2 लाख वर्ग फुट हो गई. कुशमैन एंड वेकफील्ड के भारत, दक्षिण पूर्व एशिया और एपीएसी ‘टेनेंट रिप्रजेंटेशन’ के मुख्य कार्यकारी अंशुल जैन ने कहा कि 2024 भारतीय ऑफिस सेक्टर के लिए निर्णायक वर्ष साबित हुआ.

वैश्विक कंपनियों की बढ़ती रुचि

जैन ने बताया कि वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) कुल मांग में लगभग 30 प्रतिशत का योगदान दे रहे हैं. इससे यह स्पष्ट होता है कि भारत बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए एक रणनीतिक केंद्र बनता जा रहा है.

बेंगलुरु में सबसे ज्यादा उछाल

आठ प्रमुख शहरों में बेंगलुरु सबसे आगे रहा. यहां सकल पट्टा मांग 2023 के 158.3 लाख वर्ग फुट से 64 प्रतिशत बढ़कर 2024 में 259.3 लाख वर्ग फुट हो गई.

अन्य शहरों का प्रदर्शन

मुंबई: 140.8 लाख वर्ग फुट से 27% बढ़कर 178.4 लाख वर्ग फुट.

हैदराबाद: 90.1 लाख वर्ग फुट से 37% बढ़कर 123.1 लाख वर्ग फुट.

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अहमदाबाद: 16.3 लाख वर्ग फुट से 11% की वृद्धि के साथ 18.1 लाख वर्ग फुट.

कुछ शहरों में गिरावट

हालांकि, दिल्ली-एनसीआर, चेन्नई और पुणे में मांग घट गई.

दिल्ली-एनसीआर: 135.7 लाख वर्ग फुट से 3% कम होकर 131.4 लाख वर्ग फुट.

पुणे: 97.4 लाख वर्ग फुट से 13% गिरकर 84.7 लाख वर्ग फुट.

कोलकाता: स्थिर रहते हुए 17 लाख वर्ग फुट पर बनी रही.

2024: एक निर्णायक वर्ष

भारत के ऑफिस स्पेस बाजार में 2024 ने नया इतिहास लिखा. जहां कुछ शहरों ने अपनी संभावनाओं को नए आयाम दिए, वहीं कुछ को चुनौतियों का सामना करना पड़ा. फिर भी, यह साल कुल मिलाकर भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर की बढ़ती ताकत और वैश्विक आकर्षण का प्रतीक रहा.

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