नई दिल्ली: कोरोना महामारी (Corona Virus) के गम्भीर संकट के बीच इस वर्ष का दिवाली त्यौहार (Diwali 2020) पूरी तरह से एक अलग ही अंदाज में मनाया गया. इस बार कई बातें अलग थीं, जैसे चीनी सामानों का पूर्ण बहिष्कार, भारतीय सामानों का बड़े पैमाने पर उपयोग के साथ-साथ भारत में आठ महीने का व्यापार का निर्वासन समाप्त हुआ. दीवाली त्यौहार सीजन बिक्री से देश भर में लगभग 72 हजार करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है और चीन को सीधे तौर पर लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का व्यापार घाटा हुआ. Also Read - भारत की मेजबानी में 30 नवंबर को एससीओ नेताओं की बैठक में भाग लेंगे चीन के प्रधानमंत्री

कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के अनुसार, रिटेल व्यापार के विभिन्न वर्गों – जिसमें खास तौर पर भारत में बने एफएमसीजी उत्पाद, उपभोक्ता वस्तुएं, खिलौने, बिजली के उपकरण और सामान, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और सफेद सामान, रसोई के सामान, उपहार की वस्तुएं, मिठाई-नमकीन, घर का सामान, टेपेस्ट्री, बर्तन, सोना और गहने, जूते, घड़ियां, फर्नीचर ,वस्त्र, फैशन परिधान, कपड़ा, घर की सजावट का सामान, मिट्टी के दिए सहित दिवाली पूजा का सामान, सजावटी सामान, हस्तकला की वस्तुएं, वस्त्र, घर द्वार पर लगाने वाले शुभ-लाभ,ओम, देवी लक्ष्मी के चरण आदि अनेक त्यौहारी सीजन वस्तुओं की बिक्री बहुत अच्छी रही. Also Read - भारत ने US से लीज पर लिए बेहद खतरनाक Predator Drones, चीन से निपटने को LAC पर हो सकती है तैनाती

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि देश के 20 अलग-अलग शहर जो देश भर में सप्लाई चेन के प्रमुख वितरण केंद्र से एकत्रित रिपोर्ट्स के अनुसार दीवाली त्यौहार सीजन बिक्री से देश भर में लगभग 72 हजार करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है और चीन को सीधे तौर पर लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का व्यापार घाटा हुआ. उन्होंने बताया, हालांकि, उच्चतम न्यायालय के स्पष्ट निदेशरें के बावजूद सरकारी अधिकारियों की लापरवाही से जिसमें पटाखे की नीति का अभाव मुख्य कारण रहा, जिसके चलते बड़े एवं छोटे तथा बेहद मामूली स्तर के पटाखों के निर्माणकर्ता एवं विक्रेताओं को लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के व्यापार का नुकसान हुआ. Also Read - Chinese APP पर बैन से व्‍यथित चीन, भारत से सामान्य ट्रेड रिश्‍ते बहाल करने का किया आग्रह

20 शहरों में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बैंगलोर, हैदराबाद, कोलकाता, नागपुर, रायपुर, भुवनेश्वर, रांची, भोपाल, लखनऊ, कानपुर, नोएडा, जम्मू, अहमदाबाद, सूरत, कोचीन, जयपुर, चंडीगढ़ को कैट वितरण शहर मानता है और विभिन्न विषयों पर नियमित सर्वेक्षण कराता है.

यदि सेंसेक्स कोई संकेतक है तो निश्चित रूप से देश में व्यापार के लिए एक उज्‍जवल भविष्य है, क्योंकि स्टॉक एक्सचेंजों के सभी प्रमुख सूचकांक निफ्टी के साथ-साथ भविष्य के बेहद अच्छे परिणाम दिखाते हैं. दिवाली पर महूर्त ट्रेडिंग पर बीएसई 12,780 पर और नि़फ्टी 43,637.98 पर बंद हुआ. पिछली दिवाली से लेकर इस दिवाली सूचकांकों ने कोरोना और लॉकडाउन के प्रभाव के बावजूद लगभग 10 प्रतिशत इजाफा किया. वृहद मोर्चे पर रिकवरी के अच्छे संकेतों और लगातार हो रहे निवेश के जारी रहने के कारण अगली दिवाली तक निफ्टी के 14,000 को छूने का अनुमान है.