One Nation, One Ration Card: देश के कई राज्यों ने ‘वन नेशन, वन कार्ड’ की योजना लागू कर दी है. इसेसे भारत सरकार को अपनी महत्वाकांक्षी योजना में बड़ी सफलता मिलती हुई दिखाई दे रही है. देश के 9 राज्यों ने सफलतापूर्वक ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना को पूरा किया है. Also Read - Noida Expressway के पास दो वाहनों की टक्कर में युवक की मौत

बता दें, कोरोना महामारी ने देश के सामने जो चुनौतियां लेकर आई हैं, उसको देखते हुए देश की सरकार ने राज्यों को मजबूती देने के लिए कई अहम निर्णय लिए हैं. इसमें से एक यह भी है कि साल 2020-21 सकल राज्य घरेलू उत्पाद के 2 फीसदी की अतिरिक्त उधार की अनुमति को शामिल किया गया है. Also Read - Night curfew in Haryana: पूरे हरियाणा में लगाया गया नाइट कर्फ्यू, अगले आदेश तक जारी रहेंगी पाबंदियां

भारत सरकार द्वारा खोले गए इन माध्यमों से राज्य सरकारों को अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटाने में सक्षम बनाया जा रहा है, जिससे राज्य सरकारें कोरोना के खिलाफ जंग जीत सकें और जनता के हितों की योजनाओं को शुरू कर पायें. Also Read - UP News: यूपी के चित्रकूट में बड़ा सड़क हादसा, जीप और बाइक की टक्कर में 2 की मौत

इसके अलावा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए भी भारत सरकार राज्यों को मजबूती प्रदान कर रही है. जीएसडीपी की अतिरिक्त उधार सीमा 2 फीसदी है. उनमें से 0.25 फीसदी वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना से जुड़ा हुआ है. वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना का मुख्य मकसद यह था कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रवासी श्रमिकों और लाभार्थियों के परिवारों को मिलता रहे. उन्हें देशभर में कहीं पर भी उचित मूल्य पर राशन मिलता रहे. इस योजना के लिए राशन कार्ड की आधार सीडिंग, राज्य की सभी उचित मूल्य की दुकानों पर लाभार्थी के बॉयोमेट्रिक प्रणाली को शुरू किया गया.

गौरतलब है कि अभी तक देश के 9 राज्यों ने सफलतापूर्वक सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) सुधारों को पूरा किया है. इसी के साथ अपने-अपने राज्यों में वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना को लागू किया है. वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना को लागू करने वाले राज्यों में गोवा, हरियाणा, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश हैं. इसके अलावा अतिरिक्त उधारी का पात्र बनने के लिए राज्यों को 31 दिसंबर 2020 तक सुधारों को पूरा करना होगा.

भारत सरकार के मंत्रालय ने एक नोडल विभाग भी बनाया है जो यह जांच कर रहा है कि राज्यों ने सुधार की शर्तों को पूरा किया है या नहीं.