भारत सरकार की ओर से निर्यात पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद जहां पड़ोसी देश नेपाल में प्याज की कीमतें आसमान छू रही हैं वहीं पड़ोसी देश बांग्लादेश भी गहरी चिंता में डूब गया है. बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने ढाका स्थित भारत के उच्चायोग के माध्यम से पत्र भेजा है जिसमें कहा है कि, ‘‘14 सितंबर 2020 को भारत सरकार द्वारा अचानक की गई घोषणा से इस संबंध में दो मित्र देशों के बीच 2019 और 2020 में हुई चर्चाओं और इस दौरान बनी आपसी समझ को कमजोर किया गया है. Also Read - Unlock-4: बिहार से नेपाल, यूपी और झारखंड के लिए जल्द खुलेंगी बसें, हो रही तैयारी

बांग्लादेश ने भारत से प्याज का निर्यात शुरू करने का किया है अनुरोध Also Read - 7 साल के निलंबन के बाद नेपाल में शुरू होंगी ट्रेनेें, यह पहली ब्रॉड-गेज यात्री रेलवे सर्विस होगी

बांग्लादेश की मीडिया को यह पत्र बुधवार की देर शाम उपलब्ध कराया गया है. इस पत्र में प्याज के निर्यात को फिर से शुरू करने के लिए आवश्यक उपाय करने का अनुरोध किया गया है. पत्र में कहा गया है कि भारत के अचानक इस संबंध में घोषणा करने से बांग्लादेश के बाजार में आवश्यक खाद्य पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित होगी. Also Read - नहीं मान रहा नेपाल, अब पाठ्य पुस्तकों में शामिल किया भारत के क्षेत्रों को दिखाने वाला मैप

पत्र के मुताबिक ढाका में 15-16 जनवरी, 2020 को हुई दोनों देशों के वाणिज्य मंत्रालयों की एक सचिव-स्तरीय बैठक में बांग्लादेश ने भारत से आवश्यक खाद्य वस्तुओं के निर्यात प्रतिबंध नहीं लगाने का अनुरोध किया गया था. वहीं बांग्लादेश ने इस तरह के प्रतिबंध जरूरी होने पर भारत को समय से पहले उसे सूचित करने का अनुरोध भी किया है.

भारत ने रोका निर्यात, प्याज के आंसू रो रहा नेपाल

वहीं नेपाल की बात करें तो भारत के प्याज निर्यात पर प्रतिबंध के फैसले से  जहां कुछ दिन पहले तक यहां प्याज 20-30 रुपए किलो बिक रहा था उसकी आज खुदरा कीमत 150 रुपए किलो तक पहुंच गई है. प्याज की बढ़ती कीमतों की वजह से कई जगहों पर व्यापारियों ने जमाखोरी और कालाबाजारी शुरू कर दी है. ऐसे में आने वाले दिनों में इसकी कीमत और अधिक बढ़ सकती है.बता दें कि भारत दक्षिण एशिया में प्याज का सबसे बड़ा उत्पादक है और नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और मलेशिया भारतीय प्याज पर निर्भर हैं.

नेपाली न्यूज वेबसाइट कांतिपुर की एक रिपोर्ट के मुताबिक काठमांडू के हरित सामुदायिक कृषि बजार तीनकुनेमा में गुरुवार सुबह कई सब्जी विक्रेताओं ने 150 रुपये प्रति किलो प्याज बेचा. दुकानदार थोक बाजारों में इसे 70 रुपए किलो खरीद रहे हैं और खुदरा कीमत 120 से 150 रुपये किलो तक है.

बता दें कि भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत विदेश व्यापार निदेशालय ने सोमवार को सभी प्रकार के प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का नोटिस जारी किया था. भारत में प्याज की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं क्योंकि दक्षिण भारत में भारी बारिश के कारण प्याज का उत्पादन घट गया है और कर्नाटक और आंध्र प्रदेश सहित दक्षिण भारतीय राज्यों में लगातार बारिश से प्याज के उत्पादन को नुकसान पहुंचा है.