नासिकः देश भर में प्याज की कीतमों में लगी आग जल्द थम सकती है. दरअसल, केंद्र सरकार की ओर से प्याज के निर्यात पर रोक लगाने और थोक व खुदरा कारोबारियों के लिए इसके स्टॉक की सीमा तय करने का असर दिखने लगा है. सोमवार को देश की सबसे बड़ी प्याज मंडी नासिक में प्याज के थोक भाव में भारी कमी आई. एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार को छह ट्रक प्याज की नीलामी हुइ. इसमें न्यूनतम मूल्य 2,601 रुपये, अधिकतम 3,351 रुपये और औसत मूल्य 3,065 रुपये रहा. इस तरह औसत मूल्य में 600 रुपये की गिरावट आई. किसानों का आरोप है कि केंद्र सरकार ने 21 अक्टूबर को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया है और स्टॉक की सीमा लागू की है.

सरकार के फैसले के विरोध में नासिक जिले के लासलगांव में देश की सबसे बड़ी थोक प्याज मंडी में सोमवार को नीलामी रोक दी गई. किसानों के विरोध की वजह से यह कदम उठाया गया है. उल्लेखनीय है कि केंद्र ने रविवार को प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के साथ व्यापारियों के लिए स्टॉक की सीमा भी लागू की थी. कारोबारियों ने कहा कि लासलगांव कृषि उपज विपणन समिति में बाद में नीलामी फिर शुरू हुई.

किसानों ने मंडी समिति में प्रदर्शन किया जिससे प्याज की नीलामी रोकनी पड़ी. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. किसानों ने उमराने में मुंबई-आगरा राजमार्ग तथा नासिक-औरंगाबाद रोड पर जाम लगाकर रास्ता भी रोका. सरकार के प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने और व्यापारियों के लिए स्टॉक की सीमा लागू किए जाने के विरोध मे किसानों ने प्याज बेचने से मना कर दिया था.

(इनपुट भाषा)