
Anjali Karmakar
अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें
कहते हैं जिंदगी अकेले गुजारी नहीं जा सकती. हर किसी को एक समय बाद पार्टनर की जरूरत होती है. लेकिन, आज की लाइफस्टाइल में चाहे लड़का हो या लड़की कोई भी जल्दी शादी नहीं करना चाहता है. वैसे भी शादी का फैसला जिंदगी के अहम फैसलों में एक होता है. इसलिए जिंदगी का इतना बड़ा फैसला लेने से पहले आज के युवा अपने पार्टनर को परख लेना चाहते हैं. शायद इसलिए ही डेटिंग ऐप्स का बाजार फल-फूल रहा है.
आजकल ऑनलाइन डेटिंग एप्स पर स्कैम और ब्लैकमेलिंग के मामले बढ़ रहे हैं, जिनकी वजह से लोग डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं और सुसाइड जैसे कदम तक उठा रहे हैं. डेटिंग अकाउंट के लिए व्यक्ति की उम्र 18 साल से ऊपर होनी चाहिए. डेटिंग ऐप्स या वेबसाइट्स से कोई खतरा नहीं है. यह पूरी तरह से सुरक्षित है. बशर्ते आप इसके इस्तेमाल के समय सावधानियां बरतें और सतर्क रहें. क्योंकि, सावधानी हटी तो दुर्घटना होना तय है.
आइए समझते हैं क्या होता है डेटिंग ऐप्स स्कैम? फेक डेटिंग प्रोफाइल की कैसे करें पहचान? किन बातों का ख्याल रखकर आप ऐसे स्कैम से बच सकते हैं:-
ऑनलाइन डेटिंग क्या है?
इंटरनेट के जरिए अपने लिए पार्टनर तलाशना ऑनलाइन डेटिंग कहलाता है. इसके लिए डेटिंग ऐप या वेबसाइट पर अकाउंट बनाना होता है. इसके लिए पेमेंट भी करना पड़ता है. ये ठीक उसी तरह है जैसे शादी के लिए हम मैट्रिमोनियल साइट पर प्रोफाइल बनाते हैं और मेंबरशिप लेते हैं.
किन डेटिंग ऐप का ज्यादा होता है इस्तेमाल?
पिछले कुछ सालों में भारत में ऑनलाइन डेटिंग इंडस्ट्री तेजी के साथ बढ़ी है. भारत में टिंडर, बंबल, ओकेक्यूपिड, ट्रूली मैडली और क्वैक-क्वैक जैसे फेमस डेटिंग ऐप का बहुत ज्यादा इस्तेमाल होता है. डेटिंग एप्स के यूजर्स अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों में भी लोग डेटिंग एप्स का इस्तेमाल करने लगे हैं.
ऑनलाइन डेटिंग स्कैम क्या है?
इस स्कैम में स्कैमर पहले डेटिंग ऐप पर एक फेक प्रोफाइल बनाते हैं. फिर आपको झांसे में लेने के लिए आकर्षक तस्वीरों के साथ फेक नाम का इस्तेमाल करते हैं. इनका मुख्य टारगेट सोशल मीडिया पर एक्टिव सीनियर सिटीजन या बिजनेसमैन होते हैं.
डेटिंग ऐप से कैसे होता है फ्रॉड?
स्कैमर पहले व्यक्ति से चैटिंग शुरू करते हैं. धीरे-धीरे उनसे इमोशनली कनेक्ट होते हैं. स्कैमर्स ऑनलाइन चैटिंग के बाद कॉल पर AI जनरेटिव और डीपफेक जैसी एडवांस टेक्नोलॉजी की मदद से आवाज बदलकर बात करते हैं. यह आवाज इतनी सटीक होती है कि AI और वास्तविक आवाज के बीच अंतर कर पाना मुश्किल है. इसके बाद वे व्यक्ति को अपने झांसे में लेकर उसे ठगी का शिकार बनाते हैं. इस दौरान इंटिमेट या प्राइवेट फोटो भी मांगते हैं. जब एक बार वह व्यक्ति का विश्वास जीत लेते हैं, तो किसी इमरजेंसी का बहाना बनाकर पैसे की डिमांड करते हैं. पैसा नहीं देने पर आपको ब्लैकमेल तक करते हैं.
ऑनलाइन डेटिंग स्कैम की पहचान कैसे कर सकते हैं?
स्कैमर्स लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए हर दिन नए-नए तरीके अपनाते हैं. फिर भी कुछ पॉइंट्स से आप हैं, डेटिंग स्कैम की पहचान कर सकते हैं:-
स्कैम से बचने के लिए ऑनलाइन डेटिंग के समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
स्कैम का शिकार हो जाए तो क्या करें?
अगर आप डेटिंग ऐप से स्कैम का शिकार हो गए हैं, तो सबसे पहले तुरंत पुलिस में FIR कराएं. साइबर सेल को इसकी सूचना दें. अपने बैंकिंग ऐप के पासवर्ड तुरंत बदल दें. बाकी पेमेंट्स ऐप के पासवर्ड या पिन भी चेंज करें.
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