
Anjali Karmakar
12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव. पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल न्यूज, बिजनेस और स्पोर्ट्स में खास दिलचस्पी. दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, आजतक, अमर उजाला, नेटवर्क18 और NDTV के बाद फिलहाल ... और पढ़ें
डिजिटल जमाने में आजकल ऑनलाइन शॉपिंग का चलन बढ़ता जा रहा है. अमेजॉन, फ्लिपकार्ट, मिन्त्रा या मिशो जैसी साइट पर हम कपड़ों से लेकर डोरमैट तक खरीद सकते हैं. टीवी और फ्रीज से लेकर हेड फोन तक में बेहतरीन ऑप्शन मिलते हैं. दशहरा-दिवाली जैसे फेस्टिव सीजन में तो नो कॉस्ट EMI और ‘बाय नाउ, पे लेटर’ ऑफर की भरमार होती है. शुरुआत में हमें ये ऑफर बड़े आकर्षक और फायदेमंद लगते हैं. हम बिना जांच-पड़ताल किए प्रोडक्ड ‘पे लेटर’ पर खरीद लेते हैं. हालांकि, बिना इसकी शर्तें या कंडीशन्स जाने इसका फायदा लेना आपको भारी पड़ सकता है.
क्या है ‘बाय नाउ, पे लेटर’?
अगर आपके पास पैसे नहीं हैं, तो भी आप खरीदारी कर सकते हैं. ‘बाय नाउ, पे लेटर’ आपको ये सुविधा देता है. मान लीजिए आईफोन की सेल शुरू हुई है. आपको आईफोन खरीदना है. आपके पास इसके लिए पर्याप्त पैसा नहीं है. आप ‘बाय नाउ, पे लेटर’ ऑप्शन के जरिए इसे खरीद सकते हैं. एक तरह से ये उधार में चीजें खरीदने जैसा है. कंपनी या बैंक आपको पेमेंट के लिए 20 दिन से 1 महीने का वक्त देती है. इस दौरान आपको पेमेंट क्लियर करना होता है.
टाइम पर पैसा न चुकाने पर देना होगा ब्याज
BNPL का फायदा लेने से पहले सबसे जरूरी बात है कि आपको एक तय समय सीमा में पैसा चुकाना होता है.अगर आप ऐसा नहीं कर पाते, तो आपको ब्याज देना होता है. ये ब्याज बकाया पर 24% तक हो सकता है.
हिडेन चार्जेस से बढ़ जाती है सिरदर्दी
ज्यादातर BNPL स्कीम्स कहती हैं कि अगर आप टाइम पर पैसे चुका दो, तो कोई ब्याज नहीं लगेगा. अगर पेमेंट मिस हो जाए, तो हिडेन चार्जेस आपकी सिरदर्दी बढ़ा देंगे. इसमें लेट फीस, पेनल्टी, और कभी-कभी तो क्रेडिट कार्ड जितने भारी ब्याज लगते हैं. इस तरह किसी सामान की MRP से कहीं ज्यादा पैसा आप BNPL में चुकाते हैं.
क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है बुरा असर
इस ऑप्शन का इस्तेमाल करने से आपके क्रेडिट स्कोर पर भी असर पड़ता है. अगर आपने कोई सामान खरीदा और तय समय पर पेमेंट नहीं किया, या पूरा पेमेंट नहीं किया तो इससे आपकी रेटिंग खराब होती है. ऐसे में अगर आप फ्यूचर में कभी लोन के लिए अप्लाई करेंगे, तो बैंक आपका एप्लिकेशन रिजेक्ट कर सकता है. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि BNPL इमरजेंसी में ठीक है, लेकिन अगर आप खर्चों को कंट्रोल नहीं कर पाते, तो ये कर्ज के जाल में फंसाने की तरकीब ही साबित होगा.
किन बातों का रखें ध्यान?
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