Pan Card Number Unique Details: PAN नंबर यानी की परमानेंट अकाउंट नंबर में आपकी कई जानकारियों छिपी होती है, इस बारे में आपको किसी तरह की जानकारी उक्त विभाग द्वारा नहीं दी जाती है. पैन कार्ड की जरूरत आपको टैक्स रिटर्न व पैसों के लेन के लिए होती है. अगर आपके पास पैन कार्ड नहीं है तो आप पैसों के ट्रान्जिक्शन नहीं कर पाएंगे. ऐसे में विभाग द्वारा हर व्यक्ति को ध्यान में रखते हुए उनका पैन कार्ड बनाया जाता है. लेकिन क्या आपको पता है कि आपके पैन कार्ड नंबर से आपकी जानकारी जुड़ी होती है. आइए बताते हैं कि आखिर पैन के नंबरों और अंकों में आपकी क्या जानकारी छिपी होती है. Also Read - Income Tax Refund Status: घर बैठे पता करें इनकम टैक्स रिफंड की स्टेटस, जानें- क्या है तरीका?

आपके सरनेम की जानकारी Also Read - How to apply online for the DL: ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अब नहीं जाना होगा आरटीओ ऑफिस, इन आसान तरीकों से घर बैठे करें आवेदन

पैन कार्ड पर आपका नाम लिखा होता है. आपकी जन्मतिथि लिखी होती है. लेकिन इनके अलावा आपके दिए गए पैन नंबर में आपका सरनेम भी होता है. आपने कभी गौर नहीं किया होगा लेकिन आफके पैन का पांचवा डिजिट आपके सरनेम को दर्शाता है. यानी की पांचवा अंग्रेजी का डिजिट आपके सरनेम का पहला अक्षर होता है. ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि इनकम टैक्स विभाग अपने पास टैक्स धारकों का डाटा सरनेम के आधार पर ही रखता है. ऐसे में पैन नंबर में भी पांचवे अक्षर में सरनेम छिपा होता है. हालांकि इस बात की जानकारी पैन विभाग व इनकम टैक्स विभाग द्वारा नहीं दिया जाता है. Also Read - Way to get PAN Number Quickly: अगर आपका खो गया है पैन कार्ड नंबर, तो यहां जानें जरूरत पड़ने पर जल्दी से पाने का तरीका

ट्रांजेक्शन की सभी जानकारी होती है उपलब्ध

10 अंकों का पैन नंबर एक स्पेशल नंबर होता है. यह नंबर हर व्यक्ति को अलग अलग दिया जाता है. जिनके पास पैन कार्ड है उनके बारे में बैंक व इनकम टैक्स विभाग को हर तरह की फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन की जानकारी होती है. क्योंकि आपका पैन कार्ड आज के वक्त में सभी पैसों के लेन देन वाले कामों से जोड़ा जा चुका है. बगैर इसके बाद बैंकिग, संपत्ति, घर, गहने, गाड़ियां इत्यादि नहीं खरीद सकते हैं. इसके लिए आपको पैन कार्ड देना ही होता है. जैसे ही आप कुछ ट्रांजेक्शन करते हैं वैसे ही आपके पैन के 10 अंकों वाले यूनिक नंबर के साथ आपकी फाइनेंशियल जानकारी जुड़ जाती है. इन सभी जानकारियों को इनकम टैक्स विभाग और बैंकों की नजर होती है.

पैन के चौथे डिजिट के क्या हैं मायने

जिस तरह पैन के 5वें डिजिट का ताल्लुक सरनेम से है. वैसे ही पैन के चौथे डिजिट का ताल्लुक पैन कार्डधारक के स्टेटस से जुड़ा हुआ होता है. आप क्या हैं, किस विभाग से हैं, परिवारिक, नौकरी, कंपनी, ट्रस्ट्र इन सबसे जुड़े होने की जानकारी भी पैन कार्ड में दी गई होती है. ऐसे में अंग्रेजी के 10 डिजीट का इस्तेमाल किया जाता है. यह डिजीट आपके स्टेटस को बताते हैं. जैसे A- AOP (एसोसिएशन ऑफ पर्सन), B- BOI (बॉडी ऑफ इंडिविजुअल), C- कंपनी, F- फर्म, G- गवर्नमेंट, H- HUF (हिन्दू अनडिवाइडिड फैमिली), J- आर्टिफिशियल जुडिशियल पर्सन, L- लोकल, P- एकल व्यक्ति, T- ट्रस्ट.