नई दिल्ली: संसद की एक समिति ने आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल को सरकार के नोटबंदी के कदम के बारे में जानकारी लेने के लिए तीसरी बार तलब किया है. इस समिति में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी सदस्य हैं. वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता वाली वित्त मामलों की स्थायी संसदीय समिति लगभग दो सालों से इस मुद्दे पर मंथन कर रही है. समिति में 31 सदस्य हैं. Also Read - Share market news: RBI के फैसले से शेयर बाजार गदगद, पहली बार सेंसेक्स 45000 के पार बंद, निफ्टी ने भी बनाया नया रिकॉर्ड

समिति की बैठक के नोटिस के मुताबिक, पटेल को 12 नवंबर को 500 और 1000 रुपए के नोटों को बंद करने और इसके प्रभावों के बारे में समिति के सदस्यों को जानकारी देने के लिए तलब किया है. आरबीआई के गवर्नर अविनियमित जमा योजना विधेयक को प्रतिबंधित करने और संबंधित मुद्दों पर भी समिति को जानकारी देंगे. Also Read - RBI का बैंकों से आग्रह, बढ़ायें अपना लाभ; वित्त वर्ष 2019-20 में किसी को न दें लाभांश

सरकार ने आठ नवंबर 2016 को 500 और 1000 रुपए के नोटों को बंद कर नए 500 और 2000 के नोट जारी करने की घोषणा की थी. Also Read - RBI का ऐलान, अगले कुछ दिनों में सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे उपलब्ध होगी बैंक की यह सुविधा, जानें-कैसे होगा फायदा

संपर्क किए जाने पर मोइली ने कहा, ”सदस्य नोटबंदी और खास तौर पर इसके प्रभावों को लेकर कुछ और जानकारी और विवरण चाहते थे. इसलिए आरबीआई गवर्नर को बुलाया गया है.” उन्होंने कहा कि संभवत: यह पहला मौका है जब आरबीआई गवर्नर को एक ही मुद्दे पर समिति द्वारा तीन बार बुलाया गया हो.