नई दिल्ली: अरबपति कारोबारी गौतम अडाणी के अडाणी समूह ने दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही रुचि सोया के अधिग्रहण के लिए 6,000 करोड़ रुपये की पेशकश की है. इस मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कंपनी अधिग्रहण के लिए सबसे बड़ी बोलीदाता के रूप में उभरी है. उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव प्रवर्तित पतंजलि आयुर्वेद ने करीब 5,700 करोड़ रुपये की बोली लगाई है. हालांकि, स्विस चैलेंज विधि के तहत चल रही नीलामी प्रक्रिया के अंतर्गत पतंजलि के पास पेशकश का मिलान करने का अधिकार होगा. Also Read - लंदन में खूब बिक रही बाबा रामदेव की इम्यूनिटी बूस्टर दवा Coronil, हो सकती है बड़ी कार्रवाई

रुचि सोया के कर्जदाताओं की समिति (सीओसी) ने मंगलवार को आयोजित बैठक में पतंजलि और अडाणी विलमर द्वारा दाखिल बोली को खोला. सीओसी ने रुचि सोया की परिसंपत्ति के मूल्य को अधिकतम करने के लिए स्विस चैलेंज विधि का कार्यान्वयन करने का निर्णय लिया है. बोली के मूल्य को लेकर पतंजलि के प्रवक्ता ने कोई जानकारी नहीं दी है. हालांकि सिरिल अमरचंद मंगलदास के इस्तीफे के मुद्दे पर सवाल उठाए. पतंजलि के प्रवक्ता एस के तिजारावाला ने कहा कि हम हैरान हैं और सीओसी से जानकारी मांगेंगे. हमने सिरिल अमरचंद मंगलदास के इस्तीफे के मुद्दे पर पत्र लिखा है. Also Read - इस कंपनी के MD बने बाबा रामदेव के भाई, सालाना तनख्वाह जानकर रह जाएंगे दंग

सूत्रों ने कहा कि कर्जदाता रुचि सोया के अधिग्रहण के लगाई गई शुरुआती बोली से खुश नहीं है. इस दौरान पतंजलि 4,300 करोड़ रुपये की पेशकश के साथ सबसे बड़ी बोलीदाता के रूप में उभरी थी. अडाणी ने 3,300 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी. रुचि सोया पर बैंकों का करीब 12,000 करोड़ रुपये का बकाया कर्ज है. Also Read - IPL 2021 New Team:आईपीएल में टीम खरीदने की रेस में ये 2 कंपनियां हैं दौड़ में

स्विस चैलेंज विधि के अंतर्गत, अडाणी को पेशकश का एक और मौका मिलेगा यदि पतंजलि उसकी 6,000 करोड़ रुपये की पेशकश के बराबर या उससे अच्छी बोली लगाती है. पतंजलि और अडाणी के अलावा इमामी एग्रोटेक और गोदरेज एग्रोवेट ने भी रुचि सोया के अधिग्रहण की इच्छा जताई थी .