अहमदाबाद : खाने-पीने का सामान बनाने वाली पेप्सिको इंडिया गुजरात के आलू किसानों के खिलाफ दायर मुकदमे को वापस लेगी. इन किसानों के खिलाफ कथित रूप से आलू की उस खास किस्म को उपजाने को लेकर मुकदमा दायर किया था, जिस पर कंपनी अपने पौध किस्म संरक्षण (प्लांट वेराइटी प्रोटेक्शन-पीवीपी) अधिकार का दावा करती है. पेप्सिको ने अप्रैल में कुछ किसानों पर आलू की उस किस्म की खेती करने को लेकर मुकदमा दायर किया था, जिसे विशेष रूप से कंपनी के लोकप्रिय ‘लेज’ आलू चिप्स के लिए उगाया जाता है. कंपनी के इस फैसले को लेकर सार्वजनिक स्तर पर काफी विरोध हुआ था.

दरअसल, पेप्सिको ने साबरकांठा, अरावली जिलों के नौ किसानों के खिलाफ अहमदाबाद की एक अदालत तथा मोदासा जिला अदालत में मुकदमा किया था. इससे पहले, बनासकांठा जिले के दो अन्य किसानों के खिलाफ भी मुकदमा किया था. इन किसानों पर आलू की उस किस्म एफसी-5 को उपजाने का आरोप था, जिस पर कंपनी पौध किस्म संरक्षण अधिकार का दावा कर रही है. कंपनी ने इसके लिए 20 लाख रुपये से लेकर एक करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की थी.

पेप्सिको इंडिया ने एक बयान में कहा कि सरकार के साथ चर्चा के बाद कंपनी ने किसानों के खिलाफ दर्ज मामले को वापस लेने पर सहमति जताई है. बयान के अनुसार, ‘हम बीज संरक्षण से जुड़े सभी मुद्दों के दीर्घकालीन और सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए उक्त चर्चा पर भरोसा कर रहे हैं.’ भारतीय किसान संघ की गुजरात इकाई के अध्यक्ष विट्ठल दूधात्रा ने पेप्सिको द्वारा मुकदमा वापस लेने को किसानों की जीत बताया है. उन्होंने कहा, ‘ हम निर्णय का स्वागत करते हैं. वास्तव में यह किसानों की जीत है. विभिन्न तबकों की तरफ से दबाव के कारण कंपनी झुकी है.’

किसानों का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद याग्निक ने कहा कि पेप्सिको की घोषणा के बारे में अभी अदालत को जानकारी नहीं दी गई है. किसान हरिभाई पटेल ने कहा, ‘कंपनी का मुकदमा वापस लेने का निर्णय सुनकर उन्हें खुशी है. लेकिन यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसानों को भविष्य में इस प्रकार के झूठे मुकदमे का सामना नहीं करना पड़े.’ पटेल साबरकांठा जिले के उन चार किसानों में शामिल हैं, जिनके खिलाफ मुकदमा किया गया.