पर्सनल लोन का प्री पेमेंट करते समय EMI या टेन्योर में किसे कम करना फायदेमंद?

मुश्किल में पर्सनल लोन लेने वाले शख्स की कोशिश रहती है कि किसी तरह जल्द से जल्द लोन चुका दिया जाए, ताकि हर महीने की EMI और भारी ब्याज दर से छूटकारा मिले. अगर आपने पर्सनल लोन ले रखा है. हर महीने EMI देते हैं. लेकिन, जल्द से जल्द लोन से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो आपको बैंक पार्ट पेमेंट और प्री-क्लोजर का ऑप्शन भी देता है.

Published date india.com Published: December 3, 2025 11:37 PM IST
पर्सनल लोन का प्री पेमेंट करते समय EMI या टेन्योर में किसे कम करना फायदेमंद?
प्रतीकात्मक फोटो.

जिंदगी का कोई भरोसा नहीं. अचानक कोई भी खर्च या बड़ी इमरजेंसी कब आ जाए, कोई नहीं जानता.ऐसे समय में जब पैसों की जरूरत होती है, तो हम अपनी सेविंग खंगालते हैं. इससे जरूरत पूरी नहीं पड़ती, तो दोस्तों और रिश्तेदारों से मदद मांगते हैं. अगर किसी दोस्त या रिश्तेदार से आपको कोई मदद न मिले, तो बैंक का ऑप्शन ही बचता है. आजकल पर्सनल लोन बड़ी आसानी से मिल भी जाते हैं. चूंकि ये लोन असिक्योर्ड कैटेगरी में आते हैं, इसलिए बाकी लोन की तुलना में इन पर ब्याज भी सबसे ज्यादा लगता है.

मुश्किल में पर्सनल लोन लेने वाले शख्स की कोशिश रहती है कि किसी तरह जल्द से जल्द लोन चुका दिया जाए, ताकि हर महीने की EMI और भारी ब्याज दर से छूटकारा मिले. अगर आपने पर्सनल लोन ले रखा है. हर महीने EMI देते हैं. लेकिन, जल्द से जल्द लोन से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो आपको बैंक पार्ट पेमेंट और प्री-क्लोजर का ऑप्शन भी देता है.आइए समझते हैं कि पर्सनल लोन का प्री पेमेंट करते समय EMI या टेन्योर में किसे कम करना फायदेमंद रहता है? किन बातों का ख्याल रखने से आप जल्द लोन से देनदारी से पा सकते हैं?

पर्सनल लोन क्या है?
पर्सनल लोन एक अनसिक्योर्ड लोन होता है. बैंक या नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां आपको आपके पर्सनल यूज के लिए ऐसे लोन देती हैं. ये लोन इसलिए अनसिक्योर्ड माना जाता है, क्योंकि इसकी एवज में कस्टमर को कुछ भी गिरवी नहीं रखना पड़ता. आपकी आमदनी और क्रेडिट स्कोर देखकर बैंक लोन देती है. मतलब अगर आप जॉब करते हैं. हर महीने तय तारीख को सैलरी आती है. कैश फ्लो अच्छा है. क्रेडिट स्कोर 700 के पार है. री-पेमेंट कैपासिटी अच्छी है. पहले कभी आपकी EMI मिस नहीं हुई. क्रेडिट कार्ड का बिल हर महीने पूरा और समय से भरते हैं, तो आपको पर्सनल लोन मिल जाता है.

लोन लेने के लिए कौन से डॉक्यूमेंट की पड़ती है जरूरत?
आमतौर पर पर्सनल लोन लेने के लिए पैन कार्ड, आधार कार्ड, नौकरी या बिजनेस का प्रूफ (इनकम सोर्स), फॉर्म 16, एड्रेस प्रूफ, छह महीने का बैंक स्टेटमेंट और एक फोटो की जरूरत पड़ती है.

पर्सनल लोन चुकाने का तरीका?
पर्सलन लोन लेते समय आप उसका टेन्योर अपनी सहूलियत के हिसाब से तय कर सकते हैं. पर्सनल लोन का पेमेंट 12 से 60 महीनों के बीच कर सकते हैं. रेट ऑफ इंटरेस्ट बैंक तय करती है. असल में सभी लोन में शुरू के महीनों में चुकाई जाने वाली EMI का बड़ा हिस्सा ब्याज यानी इंटरेस्ट होता है.जैसे-जैसे लोन की अवधि बढ़ती जाती है, इंटरेस्ट की राशि कम होती जाती है और प्रिंसिपल अमाउंट की राशि बढ़ती जाती है. इसीलिए किसी भी लोन का टेन्योर जितना कम रखेंगे, आपको उतना फायदा होगा.

प्री-पेमेंट और प्री-क्लोजर?
अगर आप समय से पहले लोन खत्म करना चाहते हैं, तो आपके पास दो ऑप्शन होते हैं. पहला- प्री-पेमेंट. दूसरा-प्री-क्लोजर. कुछ बैंक लोन देने के 2 साल यानी 24 EMI के बाद ही ये दोनों ऑप्शन देते हैं. यानी आपने 5 साल के लिए पर्सनल लोन लिया. 2 साल तक हर महीने EMI भरीं. अब तीसरे साल में जाकर आप प्री-पेमेंट करने योग्य होंगे. जबकि, प्री-क्लोजर का मतलब ब्याज समेत पूरा लोन समय से पहले चुका देना है. फिर आपको NOC (Non Objectionable Certificate) मिल जाता है. कुछ बैंक प्री-पेमेंट और प्री-क्लोजर चार्जेस भी लेते हैं. इसलिए कोई भी ऑप्शन चुनने से पहले बैंक से बात कर लें.

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प्री-पेमेंट करते समय EMI या टेन्योर में किसे कम कराना चाहिए?
पर्सनल लोन के प्री-पेमेंट का मतलब है कि आप कुछ एकमुश्त रकम बैंक को देते हैं, इससे आपका लोन अमाउंट कम हो जाता है. प्री-पेमेंट करते समय हम कई बार कंफ्यूज हो जाते हैं. हमें लगता है कि हमें एकमुश्त पैसा देकर अपनी EMI कम करा लेनी चाहिए, ताकि सैलरी पर बोझ कम हो. बेशक EMI कम कराने से आपके पास कैश फ्लो ज्यादा हो जाएगा. लेकिन, इससे इंटरेस्ट पेमेंट थोड़ा बढ़ सकता है. ऐसे में लोन चुकाने में ज्यादा समय लग सकता है.

जाहिर तौर पर अगर आप तत्काल राहत चाहते हैं, तो EMI कम कराना बेहतर है. लेकिन अगर आप लंबी अवधि में ब्याज पर ज्यादा पैसे बचाना चाहते हैं, तो टेन्योर कम कराना बेहतर फैसला होगा. टेन्योर कम कराने से ब्याज में बचत होगी और लोन भी जल्दी खत्म हो जाएगा. वहीं, प्री-पेमेंट या प्री-क्लोजर से आपका क्रेडिट स्कोर भी बेहतर हो जाता है.

इस उदाहरण से समझिए
मान लीजिए आपने 25 साल के लिए होम लोन लिया है. EMI 20,000 रुपये है. आप 1 लाख रुपये का प्री-पेमेंट करना चाहते हैं. अगर आप EMI कम कराते हैं, तो ये 18,000 रुपये हो सकती है, लेकिन लोन चुकाने में अभी भी 20 साल लगेंगे. लेकिन अगर आप टेन्योर कम कराते हैं, तो आपकी EMI 19,500 रुपये हो सकती है, लेकिन लोन 18 साल में ही खत्म हो जाएगा.

जल्दी लोन खत्म करने के लिए अपनाइए ये तरीके

  • अगर आप जल्दी लोन चुकाना चाहते हैं, तो डबल EMI दे सकते हैं. EMI चुकाने के दो तरीके होते हैं. एक एडवांस दूसरी एरियर. अमूमन लोन लेने वाले एडवांस EMI जमा करते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर आप एरियर EMI भी भर सकते हैं.
  • अगर आपको बोनस या एरियर मिला है, तो इससे आप पार्ट या प्री-पेमेंट कर सकते हैं. इससे आपका टेन्योर कम हो सकता है. आप अपनी सुविधा के मुताबिक EMI भी कम करवा सकते हैं.
  • अगर आप अपने लोन की मासिक किस्त जल्द खत्म करना चाहते हैं, तो EMI की रकम बढ़ा सकते हैं. चूंकि आप अधिकतर लोन एक साल से अधिक की अवधि के लिए लेते हैं, इसलिए वेतन में वृद्धि, बोनस मिलने आदि का सही इस्तेमाल कर आप EMI की रकम आसानी से बढ़ा सकते हैं.
  • अगर लोन की ब्याज दर ज्यादा है. दूसरा बैंक कम ब्याज पर लोन दे सकता है, तो लोन की रीफाइनेंसिंग भी कराई जा सकती है. हालांकि इसके लिए लोन को चुकाने की आदत (क्रेडिट हिस्ट्री) बेहतर होनी चाहिए.

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