नई दिल्ली: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में रविवार को लगातार चौथे दिन गिरावट दर्ज की गई. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में पिछले एक महीने से ज्यादा समय में करीब 20 फीसदी की गिरावट आई है. ब्रेंट क्रूड का भाव 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया है. कच्चे तेल के दाम में आई गिरावट के कारण भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम में एक दिन की स्थिरता के बाद फिर कटौती का सिलसिला जारी है. दिवाली के दिन बुधवार को पेट्रोल का दाम छह दिनों तक लगातार गिरावट के बाद स्थिर रहा. डीजल के भाव में भी दिवाली से पहले पांच दिनों तक लगातार कटौती दर्ज की गई.

रविवार को दिल्ली में पेट्रोल 16 पैसे सस्ता होकर 77.73 रुपए प्रतिलीटर जबकि डीजल 12 पैसे सस्ता होकर 72.46 रुपए प्रतिलीटर मिल रहा है. वहीं मुंबई में पेट्रोल 83.24 रुपए प्रतिलीटर और डीजल 13 पैसे सस्ता होकर 75.92 रुपए प्रतिलीटर मिल रहा है. पेट्रोल के दाम में शनिवार को 17 पैसे प्रति लीटर की कटौती दर्ज की गई. वहीं चेन्नई में पेट्रोल के दाम में 18 पैसे प्रति लीटर की कमी आई थी. दिल्ली और कोलकाता में डीजल के भाव में 16 पैसे प्रति लीटर की कमी दर्ज की गई थी जबकि मुंबई और चेन्नई में डीजल का दाम 17 पैसे प्रति लीटर घटा था.

पीएमके के संस्थापक एस. रामदास ने शनिवार को यहां कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में गिरावट के बावजूद पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें ऊंची रखना डाका डालने जैसा है. रामदास ने यहां एक बयान में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत तीन अक्टूबर के 77.96 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से 22.87 फीसदी घटकर 60.13 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है. उन्होंने कहा कि कच्चे तेल के दाम में गिरावट के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आनुपातिक कमी आनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल के दाम में क्रमश: 19.34 रुपये और 18.20 रुपये प्रति लीटर की कटौती होनी चाहिए और इनकी खुदरा कीमतें क्रमश: 67.84 रुपये और 61.37 रुपये प्रति लीटर होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि एक नवंबर, 2017 को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 60 डॉलर प्रति बैरल थी, जो वर्तमान मूल्य के समान है. रामदास ने कहा कि एक नवंबर, 2017 को पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें क्रमश: 71.65 रुपये और 60.79 रुपये प्रति लीटर थीं. चेन्नई में शनिवार को पेट्रोल 80.90 रुपये प्रति लीटर था, जबकि डीजल का 76.72 रुपये प्रति लीटर. इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन आमतौर पर तेल की खुदरा कीमत तय करने का विवरण देता है, लेकिन तेल कंपनी 29 अक्टूबर के बाद इस संबंध में कोई विवरण नहीं दे रही है.