नई दिल्ली: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बुधवार को कोई बदलाव देखने को नहीं मिला, लेकिन गुरुवार को इसमें कमी आई. बुधवार से पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोजाना कम हो रही थीं. लगातार 6 दिनों तक तेल की कीमतें घटी थीं, लेकिन बुधवार को तेल की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ. एक दिन बाद ही गुरुवार को पेट्रोल और डीजल के दाम घट गए. गुरुवार को दिल्ली में पेट्रोल 77.28 और डीजल 72.09 रुपए प्रतिलीटर मिल रहा है. पेट्रोल में 15 पैसे वहीं डीजल के दाम में 10 पैसे की कटौती की गई है. मुंबई में पेट्रोल 82.80 और डीजल 75.53 रुपए प्रतिलीटर मिल रहा है. पेट्रोल में 14 पैसे वहीं डीजल के दाम में 11 पैसे की कटौती हुई है. Also Read - कोरोनावायरस दिल्ली कांडः तब्लीग जमात में गए 36 लोगों की भोपाल में शुरू हुई तलाश

दिल्ली में मंगलवार और बुधवार को पेट्रोल का दाम 77.43 रुपए प्रतिलीटर रहा. सोमवार के मुकाबले इसमें 13 पैसे की कमी आई थी. वहीं डीजल 12 पैसे सस्ता हो कर 72.19 रुपए प्रतिलीटर बिका. मुंबई में सोमवार की तुलना में पेट्रोल 13 पैसे सस्ता यानी 82.94 रुपए प्रतिलीटर बिका. जबकि डीजल 82.94 रुपए प्रतिलीटर बिका. सोमवार को दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल के दाम में 17 पैसे और मुंबई में 16 पैसे प्रति लीटर की कटौती की गई थी. वहीं, डीजल का दाम दिल्ली और कोलकाता में 15 पैसे और मुंबई व चेन्नई में 16 पैसे प्रति लीटर घटा था. Also Read - महाराष्‍ट्र में COVID19 के 72 नए केस के साथ संक्रमितों का आंकड़ा 302

दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में सोमवार को पेट्रोल के दाम क्रमश: 77.56 रुपये, 79.49 रुपये, 83.07 रुपये और 80.56 रुपये प्रति लीटर दर्ज किए गए थे. दिवाली के दिन बुधवार को पेट्रोल का दाम छह दिनों तक लगातार गिरावट के बाद स्थिर रहा. डीजल के भाव में भी दिवाली से पहले पांच दिनों तक लगातार कटौती दर्ज की गई. Also Read - 10 लाख लोगों को मुफ्त भोजन कराएगी दिल्ली सरकार, बुधवार से नियम लागू

दूसरी ओर घरेलू वायदा बाजार में बुधवार को कच्चे तेल का भाव 4,000 रुपये प्रति बैरल के मनोवज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया, जोकि मार्च के बाद का सबसे निचला स्तर है. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पिछले एक महीने से ज्यादा समय से कच्चे तेल के दाम में जारी नरमी के कारण देश के सबसे बड़े वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) बुधवार को कच्चे तेल का नवंबर वायदा अनुबंध 3,968 रुपये प्रति बैरल तक लुढ़क गया, जोकि मार्च 2018 के बाद का सबसे निचला स्तर है. हालांकि भारतीय समयानुसार अपराह्न् 3.59 बजे नवंबर वायदा अनुबंध में पिछले सत्र के मुकाबले 68 रुपये यानी 1.66 फीसदी की कमजोरी के साथ 4,035 रुपये प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था.