नई दिल्ली: नई सरकार आने के बाद देश की राजधानी समेत सभी महानगरों में पेट्रोल और डीजल के दाम में लगातार सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. जिसके चलते आम आदमी को काफी हद तक राहत मिलेगी. पेट्रोल और डीजल के कीमत में लगातार हो रही गिरावट साफ इशारा कर रही है कि, तेल कंपनियां घाटा उठाकर तेल के दाम में कटौती कर रही है. पेट्रोल और डीजल के दाम में मंगलवार को लगातार छठे दिन गिरावट दर्ज की गई. तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 7 पैसे जबकि डीजल के दाम में 20-22 पैसे प्रति लीटर की कटौती की है. उधर, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव में नरमी बनी हुई है, जिससे आने वाले दिनों पेट्रोल और डीजल के दाम में और कमी होने की संभावना बनी हुई है.

इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल के दाम घटकर क्रमश: 71.23 रुपये, 73.47 रुपये, 76.91 रुपये और 74.01 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं. डीजल के दाम भी चारों महानगरों में घटकर क्रमश: 65.56 रुपये, 67.48 रुपये, 68.76 रुपये और 69.36 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं. तेल विपणन कंपनियों ने मंगलवार को दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल के दाम में सात पैसे प्रति लीटर की कटौती की, जबकि डीजल के दाम दिल्ली और कोलकाता में 20 पैसे, मुंबई में 21 पैसे और चेन्नई में 22 पैसे लीटर घट गए हैं.

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में लगातार सातवें दिन गिरावट का सिलसिला जारी रहा. इस दौरान बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड के दाम में लगभग 10 डॉलर प्रति बैरल की कमी आई है. उर्जा विशेषज्ञ नरेंद्र तनेजा का कहना है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में आई गिरावट के बाद भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम में कमी आएगी जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी.

उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में तेजी या मंदी का असर भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम पर करीब दो सप्ताह बाद दिखता है. पेट्रोल और डीजल सस्ते होने से देश में महंगाई काबू में रह सकती है, क्योंकि परिवहन लागत कम होने से अनाज समेत दैनिक जरूरत की वस्तुओं की कीमतों में कमी आती है.