नई दिल्ली: अक्टूबर की शुरुआत महंगाई से हुई है. रविवार को रसोई गैस (LPG), प्राकृतिक गैस (CNG) और विमानों के ईंधन (ATF) के दाम बढ़ा दिए गए जो आधी रात से प्रभावी हो गए हैं. वहीं सोमवार को एक बार फिर डीजल और पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई.सोमवार को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में 24 पैसे की बढ़ोतरी कर दी गई. यानी दिल्ली में पेट्रोल 83.73 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है. वही डीजल के दाम भी 30 पैसे बढ़ा दिए गए. दिल्ली में डीजल 75.09 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है. वहीं मुंबई की बात करें तो यहां पेट्रोल के दाम में 24 पैसे की बढ़ोतरी के बाद यह 91.08 रुपया प्रति लीटर मिल रहा है वहीं डीजल लगभग 80 रुपया लीटर (79.72) मिल रहा है.

दिल्ली-एनसीआर में 30 सितंबर की आधी रात से सीएनजी के दाम भी बढ़ा दिए गए. सीएनजी की सप्लाई करने वाली एजेंसी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने अपनी अधिसूचना में कहा है कि आज आधी रात से सीएनजी के दाम में 1.70 रुपए से लेकर 1.95 रुपए तक की बढ़ोतरी की जा रही है. दिल्ली में जहां सीएनजी की कीमत में 1.70 रुपए की वृद्धि होगी, वहीं एनसीआर यानी नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में इसके दाम 1.95 रुपए तक बढ़ेंगे. वहीं, हरियाणा के शहर रेवाड़ी में सीएनजी के दाम में 1.80 रुपए की वृद्धि की जाएगी. IGL के अनुसार दिल्ली में जहां सीएनजी की कीमत 44.30 रुपए प्रति किलो होगी, वहीं एनसीआर में यह 51.25 रुपए प्रति किलो बिकेगी. रेवाड़ी में सीएनजी का दाम 54.05 रुपए प्रति किलो होगा.

रविवार को रसोई गैस (LPG), प्राकृतिक गैस (CNG) और विमानों के ईंधन (ATF) के दाम भी बढ़ गए. सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 2.89 रुपए बढ़कर 502.4 रुपए प्रति सिलेंडर हो गई. दिल्ली में बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर अक्टूबर में 59 रुपए महंगा हो गया. विमान ईंधन (एटीएफ) की घरेलू दर में 2650 रुपये प्रति किलोलीटर की बढ़ोत्तरी की गई है. यह बढ़ोत्तरी भी 1 अक्टूबर से प्रभावी हो गई.

पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि की तरह ही रसोई गैस के मूल्य में बढ़ोतरी की वजह भी वैश्विक बाजार में हलचल ही बताई गई है. इंडियन ऑयल ने एक बयान में कहा कि सिलेंडर की कीमतों में यह बढ़ोत्तरी प्रमुख तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने और विदेशी मुद्रा विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के चलते की गई है. कंपनी ने बताया कि सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत पर वास्तविक प्रभाव मात्र 2.89 रुपए प्रति सिलेंडर पड़ेगा. इसकी प्रमुख वजह उस पर जीएसटी का लगना है. अक्टूबर में ग्राहकों के खाते में 376.60 रुपए प्रति सिलेंडर सब्सिडी जमा की जाएगी, जो सितंबर 2018 में 320.49 रुपए थी.