Petrol Diesel Price Today: कोरोना वायरस की मार अब सरकारी खजाने पर भी पड़ने लगी है. दूरे देश में लॉकडाउन की वजह से राजस्व संग्रह कम होने के कारण सरकारों ने शराब के बाद पट्रोल-डीजल पर भी टैक्स बढ़ा दिया है. बीती रात केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 10 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दिया. उत्पाद शुल्क में इस बढ़ोतरी के बाद लोगों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की घटी कीमतों का कोई भी फायदा नहीं मिल पाएगा. वैसे देश की तेल विपरण कंपनियों ने कीमत में कोई बदलाव नहीं किया है. मोदी सरकार इन पर टैक्स में भारी बढ़ोतरी नहीं करती तो हो सकता था कि कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में सस्ते तेल का फायदा ग्राहकों को देतीं. दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 71.26 रुपये और डीजल की कीमत 69.39 रुपये प्रति लीटर है. Also Read - मोदी सरकार 2.0 का 1 साल पूरा: गृह मंत्रालय की उपलब्धियों में शामिल है लॉकडाउन, अनुच्छेद 370 समाप्त करना

कोरोना वायरस संक्रमण के चलते मांग नहीं होने के कारण पिछले माह ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत प्रति बैरल 18.10 डॉलर के निम्न स्तर पर पहुंच गई थी. यह 1999 के बाद से सबसे कम कीमत थी. हालांकि इसके बाद कीमतों में थोड़ी वृद्धि हुई और यह 28 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई. Also Read - One Year of Modi 2.0 : पीएम मोदी ने जनता के नाम लिखा पत्र, कहा- आपदा तय नहीं कर सकती हमारा वर्तमान और भविष्य, पढ़ें 10 बड़ी बातें

उधर मंगलवार से ही दिल्ली में पेट्रोल 1.67 रुपये और डीजल 7.10 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया. इसके बाद दिल्ली में डीजल का भाव मेट्रो शहरों में सबसे ऊंचा हो गया है. हालांकि पेट्रोल अभी भी सभी मेट्रो शहरों से सस्ता बना हुआ है. अब दिल्ली में डीजल की नई कीमत 69.39 रुपये प्रति लीटर है जो पहले 62.29 रुपये प्रति लीटर थी. पेट्रोल का भाव 71.26 रुपये लीटर हो गया है. पहले यह 69.59 रुपये प्रति लीटर था. Also Read - RBI Bonds scheme: छोटे निवेशकों को झटका, सरकार ने बंद की सुरक्षित निवेश की ये योजना, पूर्व वित्त मंत्री ने कही ये बात

केंद्र शासित प्रदेश में पेट्रोल पर अब वैट 27 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत और डीजल पर 16.75 प्रतिशत से 30 प्रतिशत हो गया है. इस बढ़ोत्तरी से दिल्ली सरकार को सालाना 900 करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त आय होने की उम्मीद है.