Petrol Price Hike: केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने तेल की बढ़ती कीमतों और उपभोक्ताओं पर इसके संभावित प्रभाव पर चिंता जताते हुए गुरुवार को ओपेक से कार्टेल और अन्य प्रमुख उत्पादकों द्वारा लागू तेल उत्पादन में कटौती को समाप्त करने का आग्रह किया. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि ओपेक के महासचिव मोहम्मद सानुसी बरकिंडो के साथ बैठक के दौरान प्रधान ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से भारत पर मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ रहा है.Also Read - डॉलर के मुकाबले रुपया 12 पैसे मजबूत होकर 78.20 पर पहुंचा, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का असर

दोनों पक्षों ने हाल के तेल बाजार के विकास, तेल की मांग में सुधार के रुझान, आर्थिक विकास के पूवार्नुमान और पारस्परिक हित के अन्य मुद्दों के बीच ऊर्जा चुनौतियों पर काबू पाने पर चर्चा की. Also Read - 10 साल के उच्च स्तर पर पहुंचा कच्चा तेल, फिर भी पेट्रोल, डीजल के दाम स्थिर

पेट्रोलियम मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि उत्पादन में कटौती को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के अपने अनुरोध के साथ, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कच्चे तेल की कीमतें एक उचित बैंड के भीतर रहनी चाहिए, जो उपभोक्ताओं और उत्पादकों दोनों के सामूहिक हित में होगी और खपत-आधारित वसूली को प्रोत्साहित करेगी. Also Read - Fuel Price Rise: अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, जानें Equity Market पर इसका असर | Watch Video

इसके अलावा, ओपेक के विश्लेषण के अनुसार भारत 2021 में सबसे तेजी से बढ़ती उभरती बाजार अर्थव्यवस्था होगी.

परामर्श के दौरान, मंत्री ने ओपेक के आकलन पर खुशी व्यक्त की.