रांची. देश में पिछले दो सप्ताह से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर दिखने लगा है. झारखंड में पेट्रो पदार्थों की मूल्यवृद्धि को देखते हुए निजी बसों का किराया बढ़ा दिया गया है. बस ओनर्स का कहना है कि डीजल के दाम में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए अब उनके पास कोई चारा नहीं बचा है. बता दें कि पिछले दो हफ्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर भारत में भी पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. बीते मंगलवार को तो देश के एक हिस्से में पेट्रोल के दाम 90 रुपए प्रति लीटर के ऊपर चले गए. महाराष्ट्र के परभणी में पेट्रोल के दाम 90 रुपए के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गए. इस दौरान पेट्रोल की कीमत 90.11 रुपए रही, जो देश में सर्वाधिक है. Also Read - तमिलनाडु बीजेपी प्रमुख ने ऑटो चालक से मुलाकात कर मिठाई दी, पेट्रोल से जुड़े सवाल पर हुई थी पिटाई

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निजी बसों के किराए में 30 रुपए तक की वृद्धि

पेट्रोल व डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण झारखंड की राजधानी रांची में निजी बसों के किराए में खासी बढ़ोतरी की गई है. रांची बस ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्ण मोहन सिह ने पत्रकारों से कहा, ‘हमारे पास बसों के किराए को बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है. हमने 50, 100 और 150 किलोमीटर के लिए किराया क्रमश: 10, 20 व 30 रुपए बढ़ाया है.’ उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने में प्रति लीटर डीजल की कीमत में 10 रुपए का इजाफा हुआ है. इसी कारण बस ओनर्स रांची से विभिन्न राज्यों के लिए चलने वाली बसों के किराए में बढ़ोतरी के लिए मजबूर हैं. बता दें कि झारखंड से पड़ोसी राज्यों के लिए बड़ी तादाद में निजी बसों का संचालन किया जाता है. सरकारी बस सेवा की तुलना में निजी बसों की संख्या बहुत अधिक है.

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झारखंड में पेट्रोल-डीजल के दाम में अंतर कम

झारखंड से बिहार, बंगाल, ओडिशा और अन्य राज्यों के लिए चलने वाली बसों के ऊपर डीजल के दामों में वृद्धि का सीधा असर पड़ा है. राज्य की राजधानी रांची के साथ-साथ सूबे के कई अन्य शहरों से भी पड़ोसी राज्यों की बसें चलती हैं. लंबी दूरी की इन बसों के किराए पर डीजल मूल्यवृद्धि का असर पड़ता है. उस पर से राज्य में डीजल और पेट्रोल के दाम में देश के अन्य राज्यों के मुकाबले बहुत कम अंतर होने के कारण भी यहां के बस ओनर्स ने किराया बढ़ोतरी का निर्णय लिया है. बता दें कि झारखंड में पेट्रोल और डीजल के दाम में 3 रुपए से भी कम का अंतर है. बुधवार को यहां पेट्रोल व डीजल की कीमत क्रमश: 80.10 रुपए और 77.40 रुपए प्रति लीटर थी. ऐसे में बस ओनर्स का कहना है कि यात्री किराए में बढ़ोतरी के अलावा उनके पास कोई और विकल्प नहीं बचता है.

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तेल की महंगाई से अभी नहीं मिलेगी निजात

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम मई 2018 के बाद नई ऊंचाई पर पहुंच गया है. भूराजनीतिक दबाव में आगे आपूर्ति घटने की संभावनाओं से फिलहाल कीमतों में तेजी का रुख बना हुआ है. कमोडिटी विश्लेषक अनुज गुप्ता के अनुसार, बेंट क्रूड में 80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार करने के बाद 83 डॉलर तक की तेजी देखी जा सकती है, जबकि डब्ल्यूटीआई में 74 डॉलर तक का उछाल आ सकता है. उन्होंने बताया कि अमेरिका में तेल का भंडार घटने और अमेरिकी प्रतिबंध के कारण ईरान से तेल की आपूर्ति कम होने से भी कच्चे तेल के दाम में तेजी का रुख बना हुआ है. गुप्ता ने कहा कि कच्चे तेल के भाव में तेजी रहने और डॉलर के मुकाबले रुपए में कमजोरी आने के कारण फिलहाल डीजल और पेट्रोल की महंगाई से निजात मिलने की संभावना नहीं दिख रही है.

(इनपुट – एजेंसी)