Petrol price hike in India: रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुकी पेट्रोल-डीजल की कीमतें देश की जनता को अब बहुत ज्यादा परेशान करने लगी हैं. एक सर्वे के मुताबिक, देश में 69 फीसदी लोग उत्पाद शुल्क में कटौती चाहते हैं. जिससे उन्हें तेल सस्ती दर पर मिले. देश में तेल के दाम इस समय रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं. ऐसे में लोगों का मानना है कि सरकार को वाहन ईंधन पर से शुल्क घटाना चाहिए.Also Read - Crude Oil Price Hike: ओपेक+ के उत्पादन में बढ़ोतरी रोकने के बीच कच्चे तेल के दाम बढ़े, कोरोना के नए वैरियंट को लेकर बढ़ी सतर्कता

ऐसे में पेट्रोलियम मंत्रालय ने सरकार से ऊंची पेट्रोल-डीजल कीमतों पर राहत देने की सिफारिश भी की है. मंत्रालय ने कहा है कि उत्पाद शुल्क में कटौती कर जनता को बड़ी राहत दी जा सकती है. बता दें, लॉकडाउन के दौरान सरकार ने पेट्रोल पर एकमुश्त 10 रुपये उत्पाद शुल्क बढ़ाया था. Also Read - Petrol-Diesel Price: पेट्रोल-डीजल की कीमत फिर होंगे कम! कच्चे तेल को लेकर भारत-अमेरिका समेत इन देशों ने लिया बड़ा फैसला

मंत्रालय के मुताबिक, कोरोनाकाल में पेट्रोल-डीजल पर बढ़ाए गए उत्पाद शुल्क में अगर 50 फीसदी कटौती भी कर दी जाए, तो पेट्रोल के दाम 5 रुपये प्रति लीटर तक नीचे आ सकते हैं. Also Read - Petrol, Diesel Price: राजस्थान में घटे पेट्रोल और डीजल के दाम, पेट्रोल 4 रुपये, तो डीजल 5 रुपये हुआ सस्ता

मंत्रालय ने कहा कि अगर उत्पाद शुल्क में कटौती की जाती है तो उपभोक्ताओं को इसका पूरा लाभ पहुंचाने के लिए राज्यों को भी सहयोग करना होगा.उन्हें वैट में कटौती के लिए केंद्र से सहमति जतानी होगी.

मंत्रालय का कहना है कि उत्पाद शुल्क में कटौती के अलावा वैट घटाने और तेल कंपनियों से भी कुछ बोझ उठाने के लिए कहा जा सकता है.

अमेरिका में क्रूड ऑयल की इन्वेंट्री घटने और ओपेक देशों के क्रूड उत्पादन में कटौती के फैसले से ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं. जिसके कारण सरकारी तेल कंपनियां अब 29 दिनों के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ानी शुरू कर दी हैं. हालांकि, आज कोई बदलाव नहीं किया गया है.

कम्यूनिटी सोशल मीडिया मंच लोकल सर्किल्स के सर्वे के अनुसार कोविड-19 महामारी की वजह से अर्थव्यवस्था सुस्त है. लोगों की आमदनी भी इससे प्रभावित हुई है. ऐसे में वाहन ईंधन के दाम घटने से लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है.

सर्वे के अनुसार, 69 फीसदी लोगों का कहना है कि सरकार को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती करनी चाहिए. इनमें से ज्यादातर लोगों ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के दाम में 20 फीसदी या छह रुपये या इससे अधिक की कटौती होनी चाहिए.

सर्वे में देश के 201 जिलों के 9,326 लोगों के विचार लिए गए. इनमें 71 फीसदी पुरुष और 29 फीसदी महिलाएं हैं. राष्ट्रीय राजधानी में बृहस्पतिवार को पेट्रोल 84.20 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया. यह इसका सर्वकालिक उच्चस्तर है.

गौरतलब है कि ग्राहकों को दिल्ली के पेट्रोल पंप पर 84.20 रुपये प्रति लीटर मिलने वाले पेट्रोल का वास्तविक मूल्य इसका महज 26 फीसदी है. केंद्र सरकार इस आधार मूल्य का 125 फीसदी यानी 32.98 रुपये शुल्क व टैक्स के रूप में 19 रुपये लेती है. शेष 6.22 रुपये प्रति लीटर डीलर्स व कंपनियों का मुनाफा होता है.