नई दिल्ली। फार्मा और चिकित्सा उपकरण निर्माताओं ने सरकार से तत्काल औषधि कंपनियों के लिए अलग माल एवं सेवा कर (जीएसटी) दर की मांग की है. इसके अलावा उन्होंने नया कानून बनाकर चिकित्सा उपकरणों को दवाओं से अलग करने की भी मांग की है. उद्योग मंडल फिक्की ने आज यह जानकारी दी. बयान में कहा गया है कि फार्मा और चिकित्सा उपकरण कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने भारत औषधि और चिकित्सा उपकरण सम्मेलन 2018 के तीसरे संस्करण के मौके पर केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री अनंत कुमार से मुलाकात की. Also Read - CBI ने 5 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में दो GST अधिकारियों पर मामला दर्ज किया

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मुख्य कार्यकारियों ने यह भी कहा कि वे बेसब्री से आयुष्मान भारत बीमा योजनाओं के सुगमता से क्रियान्वयन का इंतजार कर रहे हैं. चिकित्सा उपकरण कंपनियों के मुख्य कार्यकारियों ने सरकार से नए कानून के जरिए चिकित्सा उपकरणों को दवाओं से अलग करने की मांग की. उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर यही व्यवहार अपनाया जाता है. Also Read - कार लेने का कर रहे हैं प्लान तो कुछ दिन और करें इंतजार, कम होंगी कीमतें, सरकार ने दिए संकेत

औषधि कंपनियों के प्रमुखों ने दवा कंपनियों के लिए अलग जीएसटी दर रखे जाने की भी मांग की. उन्होंने आयात शुल्क नहीं बढ़ाए जाने के सरकार के रुख का भी समर्थन किया. सरकार के इस कदम को मौजूदा परिदृश्य को देखते हुए भारतीय पेटेंट के लिए सकारात्मक रुख बताया.

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उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक स्तर पर तालमेल वाले मानदंडों मसलन आईएसओ और आईईसी का अनुपालन करना चाहिए ताकि भारतीय कंपनियां चिकित्सा उपकरणों का निर्यात कर सकें और भारतीय मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. उन्होंने क्षेत्र के समावेशी विकास के लिए सरकार से चिकित्सा उपकरण नीति का मसौदा लाने का भी आग्रह किया.