सोने के जेवर, ETF या गोल्ड म्यूचुअल फंड... इस दिवाली किससे चमकेगा आपका पोर्टफोलियो? समझ लें कैल्कुलेशन

भले ही ग्लोबल मार्केट में हालात बदलते रहें, लेकिन यह भी याद रखना चाहिए कि गोल्ड में कोई भी बड़ा निवेश वित्तीय बाजार के बड़े खिलाड़ियों के रहमो-करम पर टिका होता है. इसका सीधा असर सोने की कीमतों पर पड़ता है. बड़े खिलाड़ी कब और क्या रूख लेंगे, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है.

Published date india.com Published: October 3, 2025 7:33 PM IST
सोने के जेवर, ETF या गोल्ड म्यूचुअल फंड... इस दिवाली किससे चमकेगा आपका पोर्टफोलियो? पैसा लगाने से पहले समझ लें कैल्कुलेशन
वित्तीय सलाहकार आपके निवेश योग्य संपत्ति का 5% से 10% सोना में रखने की सलाह देते हैं.

भारतीय परंपरा में सोने को शुद्धता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. ये सिर्फ इंवेस्टमेंट ही नहीं है, बल्कि परिवार की महिलाओं के लिए एक इमोशन है. भारतीय समाज में अलग-अलग संस्कारों में सोना खरीदने या तोहफे में देने की मान्यता रही है. महिलाओं के लिए इसे श्रृंगार से जोड़ा जाता है. कुछ लोग इसे घर में महालक्ष्मी की कृपा और एसेट के तौर पर देखते हैं.

पिछले 5 साल में गोल्ड में निवेश करने वालों का पैसा दोगुना हो चुका है. इसी का नतीजा है कि सोना पसंदीदा इंवेस्टमेंट ऑप्शन बनता जा रहा है. धनतेरस और दिवाली पर सोना खरीदने का भी चलन है. निवेशक दिवाली के समय मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान भी सोने पर पैसा लगाते हैं. अगर आप भी इस दिवाली गोल्ड में इंवेस्टमेंट करना चाहते हैं, तो पहले ये समझ लेना चाहिए कि फिजिकल गोल्ड, गोल्ड ETF या गोल्ड म्यूचुअल फंड में किसमें इंवेस्टमेंट करना सही रहेगा:-

इस समय फिजिकल गोल्ड या जूलरी खरीदना सेफ है?
भले ही ग्लोबल मार्केट में हालात बदलते रहें, लेकिन यह भी याद रखना चाहिए कि गोल्ड में कोई भी बड़ा निवेश वित्तीय बाजार के बड़े खिलाड़ियों के रहमो-करम पर टिका होता है. इसका सीधा असर सोने की कीमतों पर पड़ता है. बड़े खिलाड़ी कब और क्या रूख लेंगे, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है. इसलिए कितनी भी उथल-पुथल हो, सोने में सोच-समझकर ही इंवेस्ट करना चाहिए. ज्यादा रिस्क लेने से बचना ही बेहतर रहता है.

गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETF)
सोने को शेयरों की तरह खरीदने की सुविधा को गोल्ड ETF कहते हैं. यह म्यूचुअल फंड की स्कीम है. ये एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड हैं, जिन्हें स्टॉक एक्सचेंजों पर खरीदा और बेचा जा सकता है. गोल्ड ETF का बेंचमार्क स्पॉट गोल्ड की कीमतें हैं. गोल्ड ETF की एक यूनिट एक ग्राम सोने के बराबर होती है. गोल्ड ETF खरीदने के लिए आपके पास एक ट्रेडिंग डीमैट अकाउंट होना चाहिए. इसे बेचने पर आपको सोना नहीं, बल्कि उस समय की मार्केट वैल्यू के बराबर रकम मिलती है. गोल्ड ETF में कोई लॉक इन पीरियड नहीं है. इसमें 3 साल का होल्डिंग पीरियड पूरा करने के बाद बेचने पर इंडेक्सेशन बेनीफिट के साथ 20% LTCG टैक्स लगता है. जरूरत पड़ने पर आपको इससे लोन भी मिल सकता है.

ETFs के क्या होते हैं फायदे?
शेयरों की तरह ETFs की खरीद-फरोख्त होने से गोल्ड की कीमतों पर नजर रखी जा सकती है. ETFs हर रोज निवेश की जानकारी देते हैं, जिससे इसमें निवेश ज्यादा ट्रांसपरेंट होता है.इसे आसानी से खरीदा और बेचा जा सकता है. अलग-अलग सेक्टर में इंवेस्ट कर सकते हैं.ETFs डिविडेंड पर इनकम टैक्स नहीं लगता है.इसमें एक्सपेंस रेशियो भी म्यूचुअल फंड की स्कीमों के मुकाबले कम होता है.

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क्या अभी गोल्ड ETF में इंवेस्ट किया तो मिलेगा बेहतर रिटर्न?
मार्केट में उतार-चढ़ाव को देखते हुए केंद्रीय बैंक इक्विटी मार्केट में अपना निवेश घटाकर थोक के भाव सोना खरीदते हैं. उनका मकसद अपना गोल्ड रिजर्व बढ़ाना होता है. मार्केट में सोने के दाम बढ़े या घटे गोल्ड ETF सिक्योर इंवेस्टमेंट माना जाता है. जब महंगाई बढ़ती है, तब सोने की कीमतें आमतौर पर ऊपर जाती हैं. इससे गोल्ड ETF की वैल्यू भी बढ़ जाती है.वहीं, जब शेयर मार्केट गिरता है, तो इंवेस्टर आमतौर पर सोने में निवेश करना पसंद करते हैं. ऐसे समय में भी गोल्ड ETF एक सुरक्षित ठिकाना बन सकता है. इसे SEBI रेगुलेट करती है. Gold ETF को स्टॉक एक्सचेंज पर कभी भी खरीदा-बेचा जा सकता है. इससे आपको बेहतर रिटर्न ही मिलेगा.

गोल्ड म्यूचुअल फंड गोल्ड
ये गोल्ड ETF का ही एक प्रकार है, ये मुख्य रूप से गोल्ड ETF में निवेश करती हैं. गोल्ड म्यूचुअल फंड सीधे फिजिकल गोल्ड में निवेश नहीं करते हैं, बल्कि ये ओपन-एंडेड निवेश प्रोडक्ट हैं, जो गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (Gold ETF) में निवेश करते हैं. उनका नेट एसेट वैल्यू (NAV) ETFs के प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है. आप मंथली SIP के माध्यम से 1,000 रुपये से कम के साथ गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू कर सकते हैं. इसके निवेश करने के लिए डीमैट अकाउंट की जरूरत नहीं होती है.

पेमेंट ऐप से करें निवेश
अब आप बेहद आसानी से अपने स्मार्टफोन से भी सोने में निवेश कर सकते हैं. आपको इसके लिए ज्यादा रुपये खर्च करने की भी जरूरत नहीं है. आप अपनी सुविधा के हिसाब से जब चाहें गोल्ड में निवेश कर सकते हैं. गूगल पे, Paytm, फोनपे और अमेजन पे जैसे कई प्लेटफार्म उपलब्ध हैं.पेमेंट ऐप से सोना खरीदने के कई फायदे हैं. आप कम मात्रा में भी सोना खरीद सकते हैं. आप 1 रुपये से भी निवेश की शुरुआत कर सकते हैं. इसमें आपको जूलरी मेकिंग का खर्च नहीं आता है. इससे भी पैसों की बचत होती है.

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