नई दिल्ली. आम चुनाव से पहले शुक्रवार को पेश किए जाने वाले बजट में आयकर छूट की सीमा बढ़ाई जा सकती है. इसके अलावा किसानों के लिए राहत पैकेज, छोटे उद्यमियों को समर्थन और कुछ अन्य लोक लुभावन घोषणाएं वित्त मंत्री पीयूष गोयल के बजट का हिस्सा हो सकतीं हैं. माना जा रहा है कि आम चुनाव में जाने से पहले सरकार इन घोषणाओं के जरिए मतदाताओं को लुभाने का एक और प्रयास करेगी. यह बजट केन्द्र की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार के मौजूदा कार्यकाल का छठा और अंतिम बजट होगा. हालांकि, यह अंतरिम बजट होगा लेकिन उद्योग सूत्रों और विशेषज्ञों का कहना है कि वित्त मंत्री गोयल इससे आगे बढ़कर कुछ नई घोषणाएं कर सकते हैं.Also Read - बाजार में गिरोहबंदी की चुनौती से निपटना होगा, जिंसों की आपूर्ति में कमी के कारणों का पता लगाने की आवश्यकता: सीतारमण

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अंतरिम बजट में अगले वित्त वर्ष के चार महीने के खर्च के लिए संसद की अनुमति ली जाएगी. पूर्ण बजट आम चुनाव के बाद बनने वाली नई सरकार जुलाई में पेश करेगी. कांग्रेस के उभार को देखते हुए गोयल किसानों को राहत पहुंचाने के लिए प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण जैसे किसी योजना की घोषणा कर सकते हैं. उल्लेखनीय है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मतदाताओं को रिझाने के लिए पहले ही कह चुके हैं कि यदि कांग्रेस सत्ता में आई तो किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा और गरीबों को न्यूनतम आय सीधे हस्तांतरित की जाएगी. Also Read - सीतारमण ने निवेशकों को भरोसा दिया, सरकार दूर करेगी हर बाधा

‘अंतरिम बजट में लोकलुभावन उपायों से राजकोषीय लक्ष्यों से चूक सकती है सरकार’

तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों में हाल में भाजपा की पराजय के लिए किसानों के असंतोष को प्रमुख वजह माना जा रहा है. ऐसे में गोयल किसानों को राहत पहुंचाने के लिए प्रत्यक्ष नकदी अंतरण जैसी कोई योजना घोषित कर सकते हैं. किसानों को राहत पैकेज पर 70 हजार करोड़ से लेकर एक लाख करोड़ रुपए तक की लागत आ सकती है. सूत्रों का कहना है कि अंतरिम बजट सरकार के लिए उसकी मध्यकालिक कार्ययोजना पेश करने का एक बेहतर मौका है जिसमें वह कृषि और ग्रामीण क्षेत्र की आय बढ़ाने के लिए उपायों की घोषणा कर सकती है. इसमें सर्वजनीन न्यूनतम आय योजना की घोषणा भी की जा सकती है. वर्ष 2016- 17 के आर्थिक सर्वेक्षण में इसकी अवधारणा रखी गई थी.

पीयूष गोयल ने पिछले सप्ताह ही वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभाला है. अरुण जेटली के इलाज के लिए अमेरिका जाने के बाद उन्हें वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि बजट में व्यक्तिगत आयकर छूट सीमा को मौजूदा ढाई लाख से बढ़ाकर तीन लाख रुपए किया जा सकता है, जबकि 60 से 80 वर्ष की आयु वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए इसे साढ़े तीन लाख रुपए तक बढ़ाया जा सकता है. महिलाओं की भी साढ़े तीन लाख रुपए तक की सालाना आय को करमुक्त किया जा सकता है.

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विभिन्न निवेशों पर धारा 80सी के तहत मिलने वाली छूट को मौजूदा डेढ़ लाख रुपए से बढ़ाकर दो लाख रुपए किया जा सकता है. आवास ऋण पर मिलने वाली वार्षिक ब्याज छूट को मौजूदा दो लाख से बढ़ाकर ढाई लाख रुपए करने की घोषणा हो सकती है. छोटे व्यावसायों के लिए सस्ते कर्ज की योजना घोषित हो सकती है. कृषि क्षेत्र के राहत पैकेज में संभावित विकल्पों के तौर पर तेलंगाना राज्य की तर्ज पर किसानों को सीधे नकद राशि के हस्तांतरण की घोषणा की जा सकती है. उन किसानों के लिए जो समय पर अपना कर्ज चुकाते हैं ब्याज मुक्त फसल ऋण देने की सुविधा दी जा सकती है. खाद्यान्न फसलों के बीमा पर प्रीमियम को समाप्त किया जा सकता है. उद्योग और जानकार सूत्रों का कहना है कि सरकार रोजगार सृजन के लिए भी ठोस उपाय किये जा सकते हैं, क्योंकि सरकार पर रोजगारविहीन जीडीपी वृद्धि हासिल करने का आरोप लगाया जाता रहा है.