PM Fasal Bima Yojana: प्राकृतिक आपदाओं से हर साल लाखों एकड़ फसल बर्बाद हो रही है, जिससे किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे किसानों के लिए पीएम फसल बीमा योजना ढाल बनकर उभर रही है. वर्ष 2020-21 में 613.6 लाख किसानों ने इसके लिए आवेदन किया है. इसमें आप कुछ दस्तावेज देकर भी आवेदन कर सकते हैं. ज्यादातर राज्यों में इसकी आखिरी तारीख 31 जुलाई थी, ऐसे में अब आपके पास इससे जुड़ने के लिए सिर्फ पांच दिन बचे हैं.Also Read - इंडिया आइडियाज़ समिट में पीएम मोदी ने कहा- भारत में निवेश की हैं बहुत संभावनाएं, निवेश करे अमेरिका

इन दिनों महाराष्ट्र के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं. पानी घटेगा तो हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो जाएगी. लेकिन जिन किसानों को बीमा मिला है उन्हें मुआवजा मिलेगा. ताउते और यस तूफानों के प्रभाव से ऐसा हुआ है. कई राज्यों में बागवानी और मक्का की फसलों को भारी नुकसान हुआ है. इसलिए अगर आप ऐसे जोखिम को कम करना चाहते हैं तो आप प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़ सकते हैं. Also Read - Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana किसानों के लिए है बहुत जरूरी, इस तारीख से पहले करा लें नामंकन, होंगे कई बड़े फायदे

कृषि मंत्री ने की अपील Also Read - मध्य प्रदेश में अब सहकारिता विभाग का ब्यौरा आरटीआई से ऑनलाइन मिलेगा

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से बीमा कराने की अपील की है, ताकि किसी भी प्राकृतिक आपदा से फसल के नुकसान के जोखिम को कम किया जा सके. उन्होंने बताया कि योजना की शुरुआत से लेकर दिसंबर-2020 तक किसानों ने लगभग 19 हजार करोड़ रुपये का प्रीमियम दिया, जिसके बदले में उन्हें लगभग 90 हजार करोड़ रुपये का भुगतान दावा के रूप में मिला.

जानिए- कौन से दस्तावेज हैं जरूरी

  • कृषि योग्य भूमि का दस्तावेज
  • भूमि कब्जा प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड
  • प्रथम पृष्ठ – बैंक खाते के विवरण के साथ बैंक पासबुक.
  • फसल बुवाई प्रमाण पत्र (यदि राज्य सरकार की अधिसूचना में अनिवार्य हो)
  • बटाईदार किसानों या किराए की जमीन पर भी बीमा सुविधा.
  • ऐसे व्यक्तियों के लिए भूमि स्वामी के साथ करार, किराया या पट्टा दस्तावेज.

जानिए- कहां करें आवेदन

  • बैंक शाखा, सहकारी समिति
    जन सेवा केंद्र
    पीएमएफबीवाई पोर्टल (www.pmfby.gov.in) पर.
    बीमा कंपनी या कृषि कार्यालय.
    हरियाणा में कितना दावा किया जाएगा (रु./एकड़)
    धान 35699.78
    मक्का 17849.89
    कपास 34650.02
    बाजरा 16,799.33
    सूरजमुखी 17,849.89

किस फसल का प्रीमियम क्या है (रु./एकड़)

  • धान 713.99
  • मक्का 356.99
  • बाजरा 335.99
  • कपास 1732.50
  • सूरजमुखी 267.75

(यह सिर्फ किसान का हिस्सा है. बाकी प्रीमियम की रकम राज्य और केंद्र सरकार देगी)

बदल सकते हैं बीमा की गई फसल

यदि कोई किसान पहले से तय की गई फसल को बदलना चाहता है, तो उसे अंतिम तिथि (29 जुलाई तक) से कम से कम दो दिन पहले अपने बैंक को बदलाव के लिए सूचित करना होगा. जिस किसान के पास केसीसी नहीं है वह ग्राहक सेवा केंद्र या बीमा कंपनी के प्रतिनिधि से अपनी फसल का बीमा करा सकता है.