PM Kisan Big News : मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 632 सरकारी कर्मचारियों के खाते में राशि ट्रांसफर हो गई है, जबकि सभी सरकारी कर्मचारी लाभ लेने के पात्र नहीं थे, जिसके बाद बालाघाट कलेक्टर ने राशि वापस कर दी. पैसे वापस नहीं करने वाले कर्मचारियों की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं. जिले में ऐसे सरकारी कर्मचारी जिनके खाते में यह राशि जमा हो चुकी है, उनको अपने तहसील कार्यालय में संपर्क कर यह राशि वापस करने को कहा गया है. नहीं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.Also Read - MP: महिला नेता से रेप के आरोप में कांग्रेस विधायक का बेटा अरेस्‍ट, पीड़िता ने निष्पक्ष जांच की मांग

दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को साल में तीन बार दो हजार रुपये की तीन किस्तों में 6 हजार रुपये की राशि प्रदान की जा रही है. इन लाभार्थियों को मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत दो किस्तों में पीएम किसान की राशि प्रदान की जा रही है. ऐसे सरकारी कर्मचारियों को वह राशि वापस करने के निर्देश दिए गए हैं. Also Read - MP के गृह मंत्री की चेतावनी के बाद Dabur ने वापस लिया करवा चौथ पर बना ऐड, बिना शर्त माफी मांगी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की रकम जिन अपात्र लोगों को बांटी गई है, उनकी राशि वापस दिलाने का प्रयास किया जा रहा है. यह बताया जा रहा है कि इनमें कई सरकारी कर्मचारी भी हैं, अगर उन्होंने राशि वापस नहीं की तो उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं. ऐसे सरकारी कर्मचारियों की वेतन वृद्धि रोकने के लिए कार्रवाई की जाएगी. एक जानकारी के मुताबिक ऐसे जिले में करीब 632 सरकारी कर्मचारी हैं, जिनसे 46 लाख 92 हजार रुपये निकाले जाने हैं. Also Read - Son Chiraiya Brand: मप्र में शहरी स्व-सहायता समूह के उत्पाद को मिला 'सोन चिरैया ब्रांड' नाम

बालाघाट के जिला कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों को ऐसे सरकारी कर्मचारियों सेवकों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है, जिन्हें अपात्र होने के बाद भी प्रधानमंत्री सम्मान निधि की राशि प्राप्त हुई है. यदि ऐसे सरकारी कर्मचारी इस राशि को वापस नहीं करते हैं तो उनकी वार्षिक वेतन वृद्धि को रोकने के निर्देश दिए गए हैं. जिले में ऐसे सरकारी कर्मचारी जिनके खाते में यह राशि (बैंक खाता) जमा हो गई है. उन्हें अपने तहसील कार्यालय से संपर्क कर यह राशि वापस करने को कहा गया है. ऐसा नहीं करने पर तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.