PM Kisan Samman Nidhi Scheme: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम में अब बड़ा बदलाव किया गया है. अगर आप भी पहले ऐसा कर रहे थे, तो अब उसको जल्दी से सही करवा लें, ताकि आपके खाते में 2,000 रुपये की आवक रुकनी नहीं चाहिए. देश के लघु और सीमांत किसानों की आजीविका को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से इस योजना की शुरुआत की गई थी. जिसमें किसानों को हर साल 6,000 रुपये सीधे उनके खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं. साल भर में तीन किस्तों के जरिए किसानों के खाते में पैसा भेजा जाता है. लेकिन बीते कुछ माह में इसमें बहुत सी गड़बड़ियां सामने आई हैं. सरकार अब उन गड़बड़ियों को सही करने में जुट गई है.Also Read - PM Kisan Samman Yojana: PM किसान सम्मान की 10 वीं किस्त खाते में आने बाद जानिए- कौन लोग ज्यादा उठा रहे हैं इसका लाभ?

2019 में शुरू हुई इस योजना की पुरानी व्यवस्था में सरकार बदलाव कर रही है. पीएम किसान सम्मान स्कीम में 6 हजार रुपये सालाना का लाभ अब उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनके नाम से खेत होगा. यानी पहले की तरह बाप-दादा की जमीन में हिस्सेदारी रखने वालों को अब लाभ नहीं मिल पाएगा, जब तक कि उनके नाम पर खेत नहीं होगा. Also Read - PM Kisan Samman Yojana: नए साल के पहले दिन किसानों को मिलेगा तोहफा, किसानों के खाते में पहुंचेगी 10वीं किस्त

अब इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को हर हाल में खेत का म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) अपने नाम से कराना होगा. पुरखों के नाम के खेत में अपने शेयर का निकाले गए भू स्वामित्व प्रमाण पत्र अब इस स्कीम में मान्य नहीं होगा. हालांकि नए नियमों का प्रभाव योजना से जुड़े पुराने लाभार्थियों पर नहीं पड़ेगा. सरकार ने इस योजना में पारदर्शिता लाने के लिए कदम उठाया है. किसान सम्मान निधि योजना में नए रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों को अब आवेदन फॉर्म में अपनी जमीन का प्लाट नंबर भी बताना होगा. Also Read - PM Kisan 10th Installment Date 2021: ...तो किसानों के खाते में आज ट्रांसफर होगी 10वीं किस्त की रकम?

खतौनी में नाम नहीं होने पर पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलेगा

देश में कई किसान परिवार ऐसे हैं, जिनकी खेती की जमीन संयुक्त है और वो अपने हिस्से की जमीन पर इस योजना का लाभ उठा रहे हैं. अब उन्हें अपने हिस्से की जमीन अपने नाम करानी होगी. इसके बाद उन्हें किसान सम्मान स्कीम का लाभ मिलेगा. खतौनी में नाम आने के बाद ही किसान अब इस स्कीम का लाब ले पाएंगे.

उदाहरण के तौर पर, कोई किसान खेती कर रहा है, लेकिन खेती की जमीन उसके पिता या दादा के नाम पर है, तो उसे सालान छह हजार रुपये का लाभ नहीं मिलेगा. जमीन आवेदन करने वाले किसान के नाम से होनी चाहिए. अगर कोई किसान किसी दूसरे किसान से जमीन लेकर किराए पर खेती करता है, तो भी उसे भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा. पीएम किसान स्कीम में अब लैंड की ओनरशिप जरूरी कर दी गई है.

पीएम किसान सम्मान निधि योजना में पहले भी कुछ बदलाव हुए हैं. पहले किसानों के आवेदन के आधार पर राशि सीधे उनके खाते में भेज दी जाती थी. बाद में खातों को आधार से लिंक करने का प्रवाधान किया गया