नई दिल्ली: देश में दूसरा सबसे ज्यादा रोजगार देने वाले लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कई नए कदमों की घोषणा की. इसमें इस क्षेत्र की इकाइयों को मात्र 59 मिनट में एक करोड़ रुपये तक के ऋण की ऑनलाइन मंजूरी की सुविधा वाला एक पोर्टल भी है. Also Read - CoronaVaccine Big News: अब महाराष्ट्र में भी बनेगी COVAXIN, सीएम ठाकरे ने कहा-थैंक्यू पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत पंजीकृत एमएसएमई इकाइयां अब इस सुविधा के माध्यम से सिर्फ 59 मिनट में एक करोड़ रुपये तक का ऋण हासिल कर सकती हैं. उन्होंने जीएसटी के तहत पंजीकृत एमएसएमई इकाइयों को एक करोड़ रुपये की सीमा में अतिरिक्त कर्ज पर ब्याज दर में 2 प्रतिशत की ब्याज सहायता दिए जाने की भी घोषणा की. इस क्षेत्र के निर्यातकों के लिए निर्यात से पहले और बाद की जरूरत के लिये मिलने वाले कर्ज पर ब्याज सहायता को तीन प्रतिशत से बढ़ाकर पांच प्रतिशत किया गया है. Also Read - Covid-19 India: कोरोना का पूरे देश में तांडव, पीएम नरेंद्र मोदी राज्यपालों संग करेंगे अहम बैठक

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प्रधानमंत्री ने छोटे एवं मझोले उद्यमों को बढ़ावा देने के लिये कुल 12 फैसलों का उल्लेख करते हुए इन्हें “ऐतिहासिक फैसला” करार दिया है. मोदी ने कारोबार सुगमता रैंकिंग में 23 अंक की छलांग पर कहा कि उनकी सरकार ने चार साल में जो हासिल किया, उसकी बहुत से लोगों को कल्पना नहीं रही होगी. इस दौरान भारत ने जो हासिल किया, वह दुनिया के किसी भी देश ने हासिल नहीं किया है. कारोबार सुगमता रैंकिंग में भारत 2014 में 142 स्थान से छलांग लगाकर 77वें पायदान पर पहुंच गया है.

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प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व बैंक के कारोबार सुगमता सूचकांक में शीर्ष-50 में भारत को जगह मिलना अब ज्यादा दूर नहीं है. उन्होंने कहा कि नियम और प्रकियाओं में सुधार से छोटे एवं मझोले उद्यमों को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी.