मुंबई्: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के परिणामस्वरूप मुद्रास्फीति नहीं बढ़ी है और देश के वृहद आर्थिक बुनियादी कारक मजबूत बने हुए हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को मुंबई में एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टेमेंट बैंक (एआईआईबी) के गवर्नरों की तीसरी वार्षिक मीटिंग को संबोधित करते हुए ये बात कही. पीएम ने कहा कि बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार राजकोषीय समेकन को लेकर प्रतिबद्ध है. पीएम मोदीने कहा, ”राजकोषीय स्थिति के पूरी तरह नियंत्रण में होने, मजबूत बाह्य स्थिति, और कीमतों में स्थिरता के साथ हमारे वृहद आर्थिक बुनियादी कारक मजबूत बने हुए हैं. यही वजह है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद मुद्रास्फीति निर्धारित दायरे में बनी रही.” Also Read - पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में राजीव गांधी की प्रतिमा पर कालिख पोती, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दूध से साफ की

इस साल डीजीपी 7.4 फीसदी रहने की उम्मीद
हमारी सरकार राजकोषीय मजबूती के रास्ते पर चलने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि जीडीपी प्रतिशत के रूप में सरकारी कर्ज में लगातार गिरावट आई है. प्रधानमंत्री ने कहा कि काफी लंबे इंतजार के बाद भारत की रेटिंग में सुधार हुआ है. वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत एक “आकर्षक स्थल” के रूप में उभरा है. भारत ने 2.6 अरब डालर की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभाई है और इस साल इसमें 7.4 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद की जा रही है.

विदेशी मुद्रा भंडार,एफडीआई में भारत मजबूत
पीएम मोदी ने कहा, “विदेशी मुद्रा भंडार, एफडीआई जैसे बाहरी मोर्चों पर भी भारत की स्थिति मजबूत बनी हुई है. हमारा विदेशी मुद्रा भंडार 400 अरब डालर से अधिक बना हुआ है. दुनियाभर का विश्वास हमारी अर्थव्यवस्था में बढ़ रहा है. भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) तेजी से बढ़ा है और देश एफडीआई के लिहाज से शीर्ष देशों में बना हुआ है.”

एआईआईबी से 100 अरब डॉलर लोन बढ़ाने के लिए कहा
पीएम मोदी ने एआईआईबी को इस बात का ध्यान रखने को कहा कि उसकी ब्याज दरें किफायती और वहनीय रहें. इसके अलावा एआईआईबी को अपने ऋण खाते को दस गुना बढ़ाकर 2020 तक 40 अरब डॉलर और 2025 तक 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने को कहा. (इनपुट- एजेंसी)