नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कॉरपोरेट इंडिया के समर्थन में बड़ा बयान देते हुए कहा कि संपत्ति सृजित करने वालों को संदेह की नजर से नहीं देखा जाना चाहिए, वे देश की पूंजी हैं, उनका सम्मान होना चाहिए. लाल किले की प्राचीर से 73वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि संपत्ति सृजन सबसे बड़ी देश सेवा है. उन्होंने कहा, ‘संपत्ति सृजित करने वालों को कभी भी संदेह की नजर से नहीं देखें. जब संपत्ति सृजित होगी, तभी संपत्ति का वितरण हो सकता है.’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘संपत्ति सृजन बहुत जरूरी है. जो देश में संपत्ति सृजित कर रहे हैं, वे भारत की पूंजी हैं और हम उसका सम्मान करते हैं.’ यह तीसरा मौका है, जब मोदी कॉरपोरेट इंडिया के पक्ष में खुलकर खड़े दिखे. इससे पहले पिछले साल जुलाई में मोदी ने कहा था कि वह उद्योगपतियों के साथ खड़े होने में नहीं डरते, क्योंकि उनका मन बिल्कुल साफ है. उन्होंने कहा था कि उद्योगपतियों ने देश के विकास में योगदान दिया है.

अक्टूबर, 2018 में भी उन्होंने कहा था कि वह उद्योग और कंपनियों की आलोचना की संस्कृति में भरोसा नहीं करते. उनका मानना है कि उद्योग जगत के लोग अपने कारोबार के साथ उल्लेखनीय सामाजिक कार्य भी कर रहे हैं.