PM Street Vendor’s Atma Nirbhar Nidhi के नाम से देश में भारत सरकार द्वारा नई लोन योजना को कल से शुरू कर दिया जाएगा. इस योजना का लाभ रेहड़ी पटरी वालों को ही मिलेगा. क्योंकि लॉकडाउन के कारण इन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है. इस कारण भारत सरकार की मंशा है बिना गारंटा लोन के जरिए 50 लाख रेहड़ी पटरी वालों को इसका फायदा पहुंचाया जाए. आवास एवं शहरी मंत्रालय के सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा द्वारा प्रधानमंत्री स्विनिधि योजना पोर्टल (PM SVANidhi) को लॉन्च कर दिया गया है. Also Read - PM SVANidhi लोन योजना हो गई लॉन्च, बिना गारंटी लोन के लिए कल से आवेदन शुरू, सिर्फ इन्हें मिलेगा लाभ

इस योजना के तहत सरकार रेहड़ी-पटरी वाले(Street Vendor) दुकानदारों को कर्ज उपलब्ध करवाना चाहती है. इसके जरिए ठप हो चुकी दुकानों को फिर से खोला जा सकेगा. सरकार द्वारा यह लोन कम ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है. इस योजना में रेहड़ी-पटरी वालों दुकानदारों को कर्ज आवंटित करने के लिए सरकार ने 5000 करोड़ का बजट रखा है. रेहड़ी पटरी वालों के लिए बेहद कारगर साबित होगा. Also Read - इस ऑनलाइन पोर्टल से घर बैठे मंगवाए पैसे, मेकअप किट, सब्जी दवाई सब कुछ करें ऑर्डर, नहीं लगेगा कोई चार्ज

pmsvanidhi.mohua.gov.in इस लिंक पर क्लिक कर आप अधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं. साथ ही यहां आप कई सारी जानकारियां भी पा सकते हैं. यहां आपको लोन एप्लिकेशन फॉर्म, केवाईसी, मोबाइल ऐप जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी. बता दें कि फिलहाल आवेदन बंद है, लेकिन 2 जुलाई 2020 यानी कल से आप इस वेबसाइट पर जाकर लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं. आप चाहें तो वेबसाइट से या फिर ग्राहक सेवा केंद्र पर जाकर कर्ज के लिए आवेदन कर सकते हैं. साथ ही मोबाइल ऐप्लिकेशन के जरिए आप केवाईसी (KYC Online) की प्रक्रिया को भी पूरा कर सकते हैं. Also Read - Online portal to keep details of New Delhi's blood bank | नजदीकी ब्लड बैंक में ब्लड है कि नहीं एक क्लिक पर मिलेगी जानकारी

बता दें कि इस योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वाले दुकानदार अधिकतम 10,000 रुपये तक के लोन के लिए आवेदन कर सकते. इससे आपके रोजगार को बढ़ावा मिलेगा. यह लोन बेहद आसान शर्तों में भारत सरकार द्वारा दिया जा रहा है. लोन पाने के लिए आपको गारंटी की भी आवश्यकता नहीं है. इस योजना को लागू करने के पीछे सरकार की मंशा 50 लाख रेहड़ी-पटरी वाले छोटे दुकानदारों को फायदा पहुंचाना है. क्योंकि लॉकडाउन में सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना इन्हें करना पड़ा है.