नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस महामारी तेजी से फैल रहा है. इस कारण देशभर में लॉकडाउन लागू किया गया था. इस दौरान देश में कई धंधे बंद हो चुके हैं. इस बीच सरकार की तरफ से रेहड़ी-पटरी वालों के लिए खास योजनाओं की शुरुआत की गई. पीएम स्वनिधि योजना (PM Svanidhi scheme) को शुरू करने की कैबिनेट की तरफ से मंजूरी मिल गई है. यह योजना ठप्प पड़ चुके रोजगारों को दोबारा चालू करने में काफी मददगार साबित होगा. इस योजना के तहत छोटे कामकाजियों की आर्थिक मदद की जाएगी. इस योजना को पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM Street Vendor Aatmanirbhar Nidhi scheme) नाम दिया गया है. Also Read - दिल्ली में सोमवार से खुलेंगे ऐतिहासिक स्मारक, लेना होगा ऑनलाइन टिकट

गौरतलब है कि लॉकडाउन के बाद से ही लगातार देश में काम धंधे ठप्प पड़ चुके हैं. लोगों की नौकरियां जा रही हैं. इस बीच सबसे ज्यादा नुकसान रेहड़ी पटरी वालों को उठान पड़ रहा है. इसी कारण पीएम स्वनिधि योजना की शुरुआत की गई है ताकि लोगों की मदद की जा सके और वे अपना काम-धंधा दोबारा शुरू कर सके. बता दें कि योजना का लाभ लगभग 50 लाख लोगों को मिलेगा. Also Read - LAC पर गरज रहे सुखोई और जगुआर, वायुसेना के अधिकारी ने कहा- आसमान जितना हाई है जवानों का जोश

अगर योजना की बात करें तो सड़कों के किनारे सामान बेचने वाले, रेहड़ी-पटरी वालों को 10 हजार रुपये तक का कर्ज सरकार द्वारा 1 साल के लिए दिया जाएगा. लिए गए कर्ज को 1 साल के अंदर किश्तों में इन्हें वापस लौटाना होगा. बता दें कि लोन लेने को लेकर किसी तरह की कोई गारंटी नहीं ली जाएग साथ ही लोन की शर्ते भी आसान हैं. Also Read - 'सेवा ही संगठन' कार्यक्रम में बोले पीएम मोदी- तारीफ के हकदार हैं बिहार के भाजपा कार्यकर्ता

योजना के अनुसार समय पर लोन चुकाने वालों को सरकार इसका फायदा भी देगी. समय पर लोन चुकाने वालें के बैंक खाते में सरकार 7 फीसदी वार्षिक ब्याज उनके खातों में ट्रांसफर करवाएगी. इस स्कीम के तहत सरकार ने 5 हजार करोड़ रुपए की मंजूरी दी है साथ ही आसान शर्तों के साल लोन दिया जाएगा. इस योजना की सबसे खास बात यह है कि किस इस योजना मेंकिसी तरह के जुर्मानें का प्रवाधान नहीं है.

अगर आपका भी धंधा चौपट हो गया है और आप लोन लेना चाहते है तो इसके लिए आपको बहुत कुछ करने की जरूरत नहीं है. लोन के लिए आप मोबाइल ऐप या पोर्टल से आवेदन कर सकते हैं. इस दौरान आप से किसी तरह की गारंटी नहीं मांगी जाएगी. पहले साल के लिए आपको शुरुआती 10 हजार रुपये कर्ज के रूप में दिए जाएंगे. इसके बाद आप अगर सही समय पर कर्ज चुका देते हैं तो सरकार की तरफ से आपको 7 प्रतिशत का सब्सिडी भी दिया जाएगा. इस योजना में डिजिटल ट्रांजिक्सन की सुविधा दी जाएगी.