PMI India: भारत की मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की गतिविधियों में दिसंबर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. मैन्यूफैक्चरर्स ने एक बार फिर से इन्वेंट्री तैयार करने के लिए अपना प्रोडक्शन बढ़ा दिया है. इसके लिए ज्यादा मात्रा में कच्चे माल की खरीद की है. एक मासिक सर्वे में यह बात कही गई है. Also Read - PMI Index: विनिर्माण क्षेत्र में एक दशक में सबसे तेज बढ़त, बिक्री में तेजी से कंपनियों का उत्पादन बढ़ा

आईएचएस मार्किट इंडिया मैन्यूफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) दिसंबर में 56.4 पर रहा, जो नवंबर में 56.3 पर रहा था. इस तरह मासिक आधार पर दिसंबर में विनिर्माण गतिविधियों में बढ़ोतरी दर्ज की गई. Also Read - Survey: भारत में 2 में से 1 कामकाजी महिला कोरोना महामारी तनाव से पीड़ित, पुरुषों पर भी बढ़ा दबाव

बता दें, पीएमआई पर 50 से ऊपर का आंकड़ा वृद्धि जबकि उससे नीचे का आंकड़ा संकुचन को दिखाता है. इस तरह लगातार पांचवें महीने मैन्यूफैक्चरिंग गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई. Also Read - ऑनलाइन शिक्षा बन रहा है दिव्यांग छात्रों के लिए श्राप, सर्वेक्षण के अनुसार 43% छात्र छोड़ सकते हैं पढ़ाई 

IHS Markit में एसोसिएट डायरेक्टर (इकोनॉमिक्स) पॉलियाना डी लिमा ने बताया कि भारत के मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ा हालिया रिजल्ट इकोनॉमी में सुधार की ओर इशारा कर रहा है. मांग को लेकर अनुकूल माहौल और कंपनियों द्वारा स्टॉक तैयार करने की कोशिशों से प्रोडक्शन में मजबूत वृद्धि देखने को मिली है. लिमा का कहना है कि विभिन्न सेक्टर्स में कारोबारी माहौल में बहुत अधिक सुधार देखने को मिला है.

उन्होंने बताया कि रिकवरी के व्यापक आधार पर जोर दिए जाने की जरूरत है. मॉनिटर किए जाने वाले तीनों सेक्टर्स में बिक्री और उत्पादन में बहुत अधिक वृद्धि देखने को मिली है.

इस रिपोर्ट में कहा गया है दिसंबर में भारतीय वस्तुओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांग में बढ़ोतरी हुई, लेकिन कोविड-19 की वजह से वृद्धि पर असर देखने को मिला.

हालांकि, इन सभी सुधारों से रोजगार पर कोई उल्लेखीय असर देखने को नहीं मिला है. इस मासिक सर्वे के मुताबिक दिसंबर में भी नौकरियों में छंटनी देखने को मिली.

इस सर्वे में कहा गया है कि कंपनियों के मुताबिक सरकार के दिशा-निर्देशों की वजह से कर्मचारी केवल शिफ्ट में काम कर पा रहे हैं और उपयुक्त कर्मचारियों को ढूंढने में भी दिक्कत आ रही है. इन वजहों से मुख्य रूप से पेरोल के आंकड़ों में ये हालिया कमी आई हैं. हालांकि, वर्तमान अवधि में दिसंबर में छंटनी की रफ्तार सबसे कम रही.

इस सर्वेक्षण में कहा गया है कि तीन माह के PMI का औसत 51.6 से बढ़कर 57.2 हो गया है.