नई दिल्लीः पंजाब नेशनल बैंक में 11 हजार करोड़ से ज्यादा का घोटाला सामने आने के बाद सोसायटी फॉर वर्ल्डवाइड इंटरबैंक फाइनेंशियल टेलीकम्युनिकेशन (स्विफ्ट) में बैंक ने बदलाव कर दिया है. गौरतलब है कि स्विफ्ट नेटवर्क के माध्यम से ही नीरव मोदी और मेहुल चौकसी ने बैंक के कर्मचारियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी की थी. स्विफ्ट नेटवर्क को क्लर्क की जगह अब अधिकारी ही कंट्रोल करेंगे. स्विफ्ट मैसेज बनाने, जांचने और अधिकृत करने का काम बैंक के तीन अलग-अलग अफसर करेंगे. पहले ये काम सिर्फ दो अफसर ही करते थे. बैंक ने स्विफ्ट इस्तेमाल करने वाले अफसर की रकम जारी करने की लिमिट भी तय करने का फैसला किया है. Also Read - PNB Scam: ब्रिटेन की अदालत ने Nirav Modi के भारत प्रत्यर्पण की दी इजाजत, कहा- दोषी साबित होने लायक हैं सबूत

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पंजाब नेशनल बैंक के अलग-अलग ब्रांचों से जारी किए गए स्विफ्ट मैसेजेस के री-ऑथोराइजेशन यानी दोबारा अधिकृत करने के लिए मुंबई में एक ट्रेजरी डिवीजन भी बनाया है. इस डिवीजन के अफसर ब्रांचों की ओर से भेजे गए स्विफ्ट मैसेजस को क्रॉस चेक करेंगे. किसी वजह से मैसेज रिजेक्ट होने की स्थिति में इसे ऑडिट के लिए रिकॉर्ड में रखा जाएगा. बैंक मैनेजमेंट ने 17 फरवरी को इस बारे में एक दस्तावेज देशभर के रीजनल ऑफिसेस को भेजा है. Also Read - ई-निविदा घोटाला: ईडी ने भोपाल, हैदराबाद और मध्य प्रदेश में छापेमारी की

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क्‍या होता है SWIFT

स्‍विफ्ट का मतलब है सोसायटी फॉर वर्ल्डवाइड इंटरबैंक फाइनेंशियल टेलिकॉम्युनिकेशन. स्विफ्ट एक तरह का संदेश भेजने और प्राप्‍त करने का नेटवर्क है. इ‍सका इस्‍तेमाल दुनि‍याभर के बैंक और फाइनेंशि‍यल सेवाएं देने वाली संस्‍थाएं करती हैं. स्विफ्ट के जरिए पेमेंट बहुत तेजी से होता है. हर बैंक को एक स्विफ्ट कोड दिया जाता. यह कोड ही बैंक की पहचान होता है.

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पीएनबी के मामले में कैसे फेल हुआ स्‍विफ्ट

लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग लेने के लिए तीन अलग-अलग कर्मचारियों को पासवर्ड्स दिए जाते हैं. तीनों लोग अलग-अलग सर्विस अधिकृत कर सकते हैं. इनमें से एक मैसेज जारी करता है. दूसरा अनुमति देता है और तीसरा उसे वेरिफाई करता है. LOU के संबंधित ट्रांजेक्शन पूरा होने के बाद चौथे कर्मचारी को प्रिंट आउट प्राप्त होता है.

डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ सेट्ठी पर आरोप है कि उसके पास एक से ज्यादा पासवर्ड एक्सेस था. यानी जहां तीन-अलग-अलग लोगों के पासवर्ड की जरूरत होती थी सभी पासवर्ड उसी के पास थे. दूसरा आरोपी मनोज खारत ने गोकुलनाथ सेट्ठी के साथ मिलकर गैर कानूनी तरीके से SWIFT के जरिए मैसेज भेजे. आरोप है कि शेट्ठी या दूसरे कर्मचारी ट्रांजेक्शन को छुपाने के लिए प्रिंट  ही गायब कर देते थे.

ईडी ने नीरव मोदी, चोकसी पर कसा शिकंजा

इस बीच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को पीएनबी घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी पर शिकंजा कसते हुए उसकी 9 कारों को जब्त कर लिया है. इन कारों की कीमत कई करोड़ों में है. इनमें से एक कार रॉल्स रॉयल घोस्ट की कीमत ही 6 करोड़ है. इसके अलावा 2 मर्सिडीज बेंज GL 350, एक पॉर्शे पैनामेरा, तीन होंडा, एक टोयोटा फॉर्चूनर और एक टोयोटा इनोवा है.