नई दिल्लीः पंजाब नेशनल बैंक के 11,400 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के मामले में देशभर में गीतांजलि जूलर्स के ठिकानों पर जारी छापेमारी के बीच कंपनी के कई बड़े अधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है. सीएफओ चंद्रकांत करकरे, कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट और कंपनी के सेक्रेटरी ने भी इस्तीफा दे दिया है. कंपनी ने बताया कि बोर्ड के एक और मेंबर ने कंपनी को इस्तीफा सौंप दिया है. हमारे सहयोगी WION की खबर के मुताबिक सीएफओ चंद्रकांत करकरे ने अपने रेजिग्नेशन लेटर में लिखा है कि हाल ही में मेरी पत्नी का बड़ा ऑपरेशन हुआ है. लेकिन उसके बाद जिस तरह की रिकवरी की उम्मीद थी वैसा परिणाम नहीं मिल रह है. ऐसे में मेरी पत्नी को मेरी जरूरत है इसलिए मैं सीएफओ के पद से इस्तीफा दे रहा हूं. उनके इस्तीफे की एक कॉपी बीएसई को भी सौंपी गई है. Also Read - PNB Scam: भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की रिमांड 7 जनवरी तक बढ़ाई गई

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इस बीच पूरे देश में सीबीआई और ईडी की छापेमारी जारी है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ईडी के अधिकारी नीरव मोदी के दक्षिणी मुंबई के वर्ली स्थित समुद्र महल बंगले पर पहुंचे और परिसर की तलाशी ली. केंद्रीय जांच एजेंसी ने जांच के संबंध में मुंबई, पुणे, औरंगाबाद, ठाणे, कोलकाता, दिल्ली, लखनऊ, बेंगलुरु और सूरत समेत विभिन्न शहरों में 34 अन्य स्थानों पर भी छापा मारा. ईडी ने अबतक 5,694 करोड़ रुपये की कीमत के हीरे, स्वर्ण आभूषण और अन्य बेशकीमती रत्न जब्त किए हैं जबकि एजेंसी ने इस हफ्ते गीतांजलि जेम्स के प्रवर्तक और नीरव मोदी के रिश्तेदार मेहुल चोकसी को सम्मन भी दिया. Also Read - लंदन की अदालत में नीरव मोदी की जमानत याचिका लगातार सातवीं बार खारिज : सीबीआई

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सूत्रों ने बताया कि ईडी जांच को आगे ले जाने के लिए मोदी, चोकसी और उनके कारोबार से जुड़े निजी और आधिकारिक सभी प्रकार के वित्तीय दस्तावेजों को जुटाने का प्रयास कर रही है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ईडी द्वारा 15 फरवरी को छापेमारी शुरू किए जाने के बाद से अबतक कई कंप्यूटर उपकरण, हार्ड ड्राइव और दस्तावेजों को जब्त किया जा चुका है. एजेंसी के विशेष दल द्वारा की जा रही धन शोधन निवारण जांचों की समीक्षा करने के लिए ईडी के निदेशक करनाल सिंह सोमवार को मुंबई पहुंचे.

धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत ईडी मोदी, चोकसी और घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की कम से कम दो दर्जन अचल संपत्ति कुर्क करने वाली है. ईडी और आयकर विभाग ने भारत और विदेश में करीब 200 मुखौटा कंपनियों को जांच के दायरे में ले लिया है जिनका प्रयोग कथित धोखाधड़ी के तहत धन प्राप्त करने या भेजने के लिए किया जाता था. इस बात का संदेह है कि इन मुखौटा कंपनियों का इस्तेमाल आरोपी धन शोधन करने और जमीन, सोना और बेशकीमती रत्नों के रूप में बेनामी संपत्ति खरीदने में कर रहे थे. आयकर विभाग अब इसकी जांच कर रहा है.

(इनपुट भाषा)