
Manoj Yadav
'बिजनेस' की खबरों में खास रुचि रखने वाले मनोज यादव को 'पॉलिटिकल' खबरों से भी गहरा लगाव है. ये इंडिया.कॉम हिंदी के बिजनेस डेस्क पर कार्यरत हैं. इनके पास ... और पढ़ें
भारत की आर्थिक वृद्धि में राजनीतिक स्थिरता का बड़ा योगदान रहा है, और मौजूदा सरकार की मजबूत पकड़ ने बाजार के प्रति निवेशकों के विश्वास को बनाए रखा है. नई रिपोर्ट्स के मुताबिक, आर्थिक सुधारों और सरकारी नीतियों की वजह से भारत में पूंजी निवेश का माहौल बेहतर हुआ है.
पिछले कुछ वर्षों में केंद्र में स्थिर सरकार रहने से आर्थिक नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन संभव हुआ है. भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के प्रदर्शन ने राजनीतिक स्थिरता को मजबूती दी है, जिससे घरेलू और विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है.
एक्सिस सिक्योरिटीज द्वारा जारी फरवरी के सीआईओ मेमो के अनुसार, सरकारी व्यय में तेजी और निजी निवेश में सुधार के चलते भारतीय बाजार को सकारात्मक रुझान मिलने की संभावना है. रिपोर्ट के अनुसार, बाजार ओवरसोल्ड जोन में है, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों ने जनवरी में निवेश जारी रखा, जिससे संकेत मिलता है कि दीर्घकालिक दृष्टिकोण से बाजार मजबूत बना रहेगा.
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय बाजार के लिए संरचनात्मक कहानी बरकरार है, जिससे निवेशकों के लिए यह उपयुक्त समय हो सकता है. विभिन्न सुधारों, जैसे कि मेक इन इंडिया, उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजनाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास ने देश में आर्थिक गतिशीलता बढ़ाने में मदद की है.
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी खर्च और नीति समर्थन से भारतीय कंपनियों की आय वृद्धि में तेजी आएगी. रिपोर्ट यह भी संकेत देती है कि दीर्घकालिक निवेशकों को इस समय बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए उचित अवसर मिल सकता है.
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की संभावित वापसी और वैश्विक स्तर पर टैरिफ नीतियों में बदलाव से बाजारों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. हालांकि, मध्यम से दीर्घकालिक दृष्टि से देखा जाए, तो भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ ट्रैक बनी रहेगी. एक्सिस सिक्योरिटीज का मानना है कि इक्विटी फंड की लागत और आय की प्रवृत्ति (ट्रैजेक्टरी) निकट भविष्य में बाजार की दिशा को प्रभावित करेगी.
जनवरी महीना भारतीय इक्विटी के लिए चुनौतीपूर्ण रहा, जिससे बेंचमार्क इंडेक्स का प्रदर्शन कमजोर रहा. लेकिन रिपोर्ट के अनुसार, पूरे वित्त वर्ष के दौरान कंपनियों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया है.
इसके अलावा, हाल ही में बाजार में हुए सुधार के बाद निवेशकों के लिए उचित वैल्यूएशन देखने को मिल रही है. आने वाले समय में, भारतीय बाजार अपनी आय वृद्धि के साथ तालमेल बिठाएगा, जिससे पोर्टफोलियो का प्रदर्शन भी बेहतर होने की उम्मीद है.
गौरतलब है कि राजनीतिक स्थिरता के चलते भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है. सरकारी नीतियों, सुधारों और निवेशकों के विश्वास ने बाजार को स्थिर बनाए रखा है. हालांकि, वैश्विक कारकों के कारण कुछ उतार-चढ़ाव संभव हैं, लेकिन लंबे समय में भारतीय इक्विटी से बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना बनी हुई है.
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