Post Office Small Savings Schemes: अगर आपके पास पैसा है और आप बिना किसी जोखिम के निवेश करना चाहते हैं तो पोस्टऑफिस में निवेश से अच्छा कोई दूसरा विकल्प नहीं हो सकता. देश के छोटे और मझौले निवेशकों को ध्यान में रखकर भारतीय डाक विभाग निवेश संबंधी कई योजनाएं चलाता है. इन छोटी योजनाओं का फायदा यह है कि इनमें टैक्स बेनिफिट मिलता है. ये भरोसेमंद हैं और इनमें कोई जोखिम नहीं है. बैंक की तरह कोई भी व्यक्ति पोस्टऑफिस में भी सेविंग अकाउंट खोल सकता है. आइए हम आपको बताते हैं पोस्टऑफिस की बचत योजनाओं के बारे में… Also Read - Post Office Saving Schemes: फायदेमंद है पोस्ट ऑफिस की योजनाओं में निवेश, जानिए इस ताजा फैसले के बारे में

न्यूनतम बैलेंस

बैंक की तरह पोस्टऑफिस में भी खाता रखने पर आपको न्यूनतम बैलेंस बनाए रखना होता है. अगर आप बिना चेक के खाता रखते हैं तो न्यूमतम राशि 50 रुपये है. चेक के साथ खाता रखने पर न्यूनतम बैलेंसे 500 रुपये है. Also Read - सुकन्या समृद्धि योजना: अब सिर्फ 250 रुपए से खोलें खाता, अपनी बेटियों को दें तोहफा

खाताधारक अपने खाते में नोमिनी रख सकते हैं. एक पोस्टऑफिस में केवल एक खाता खोला जा सकता है.

खाते को सक्रिय रखने के लिए खाताधारक को तीन वित्तीय वर्ष में कम से कम एक बार ट्रांजेक्शन करना होता है.

इन खातों में जमा राशि पर 10 हजार रुपये तक का ब्याज कर मुक्त होता है.

पोस्टऑफिस की टैक्स सेविंग्स स्कीम्स के फायदे

इस स्कीम को लेना बहुत ही आसान है. आप इस स्कीम के जरिए लंबे समय तय एक निश्चित आय की व्यवस्था कर सकते हैं.

पोस्टऑफिस में निवेश शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लोगों के लिए मुफीद है.

पोस्टऑफिस की दो योजनाएं पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) और सुकन्या समृद्धि योजना ईईई के तहत आती हैं. यानी इन योजनाओं में निवेश की
गई रकम, प्राप्त ब्याज और मैच्युरिटी अमाउंट तीनों कर के दायरे में नहीं आती है.

कोई भी व्यक्ति अपने खाते के लिए नोमिनी का चयन कर सकता है.

पोस्टऑफिस की योजनाएं

पीपीएफ (पीपीएफ), सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana), नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (National Savings Certificate) यानी एनएससी, सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम और पांच वर्षीय जमा योजना…ये कुछ ऐसी योजनाएं हैं जिनपर अच्छा रिटर्न मिलता है.